Bihar Heli Tourism Scheme 2026 के तहत अब पर्यटक हेलीकॉप्टर से बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कर सकेंगे। पटना स्काई राइड का किराया 2,100 रुपये तय।
News Saga Desk
बिहार में पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने सोमवार को Bihar Heli Tourism Scheme 2026 की शुरुआत कर दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026’ का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस पहल से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
नई योजना के तहत अब आम नागरिक भी हेलीकॉप्टर के माध्यम से बिहार के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और राज्य की सकारात्मक छवि देश-दुनिया तक पहुंचेगी।
क्या है Bihar Heli Tourism Scheme 2026?
Bihar Heli Tourism Scheme 2026 के तहत पर्यटकों को हेलीकॉप्टर के जरिए कम समय में राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य बिहार के पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार केवल अपने गौरवशाली इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि तेजी से हो रहे विकास के लिए भी पहचाना जा रहा है। उन्होंने लोगों से बिहार का ब्रांड एंबेसडर बनने की अपील करते हुए राज्य की सकारात्मक छवि को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
पटना में शुरू हुई हेलीकॉप्टर जॉय राइड
पर्यटन विभाग ने पटना शहर के ऊपर लगभग 10 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉय राइड की भी शुरुआत की है। इसके लिए प्रति यात्री किराया 2,100 रुपये निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में सरकार प्रत्येक टिकट पर लगभग 15 हजार रुपये का अनुदान दे रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें। योजना के तहत प्रति टिकट अधिकतम 15,422 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।
इन पर्यटन स्थलों तक मिलेगी हेली सेवा
Bihar Heli Tourism Scheme 2026 के तहत पटना से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। निर्धारित किराया इस प्रकार है:
- राजगीर (नालंदा) – 4,000 रुपये प्रति यात्री
- वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) – 5,000 रुपये प्रति यात्री
- मां मुंडेश्वरी धाम (कैमूर) – 6,000 रुपये प्रति यात्री
सरकार का कहना है कि भविष्य में इस सेवा का विस्तार अन्य पर्यटन स्थलों तक भी किया जाएगा।
पर्यटन क्षेत्र में बढ़ेगा निजी निवेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। पटना में ताज होटल का संचालन शुरू हो चुका है और दो बड़े होटल समूह भी निवेश की तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बांकीपुर में विकसित हो रही होटल परियोजना से सरकार को हर वर्ष लगभग 17 करोड़ रुपये की रॉयल्टी प्राप्त होगी, जबकि अशोका होटल से करीब 8.5 करोड़ रुपये की वार्षिक आय होगी। इससे स्पष्ट है कि पर्यटन केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि राजस्व सृजन का भी बड़ा स्रोत बन सकता है।
हेली सेवा के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हेलीकॉप्टर सेवा को सप्ताह में केवल दो दिन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे प्रतिदिन संचालित करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर एक के स्थान पर पांच हेलीकॉप्टर तक संचालित करने और निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बोधगया में बनेगा विश्वस्तरीय ध्यान केंद्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 165.44 करोड़ रुपये की लागत से बोधगया में बनने वाले विश्वस्तरीय ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास भी किया। इसके अलावा 28.50 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
साथ ही, पर्यटन नीति के तहत मुजफ्फरपुर एम्यूजमेंट पार्क परियोजना और मुख्यमंत्री होम-स्टे नीति के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि Bihar Heli Tourism Scheme 2026 के जरिए पर्यटक कम समय में प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिहार के पर्यटन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है और राज्य को देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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