बिहार विधान परिषद चुनाव में तीन सीटों पर हार के बाद JDU समीक्षा बैठक कर रही है। उमेश कुशवाहा ने BJP के साथ गठबंधन को फेविकोल जैसा बताया।
News Saga Desk
बिहार विधान परिषद चुनाव में तीन सीटों पर हार के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) में हलचल तेज हो गई है। चुनावी नतीजों की समीक्षा के लिए गुरुवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में अहम बैठक बुलाई गई है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की अगुवाई में हो रही इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं। बैठक में चुनाव में मिली हार के कारणों, संगठन की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। इसी बीच भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उमेश कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ JDU का गठजोड़ फेविकोल की तरह है।
तीन सीटों पर हार के बाद JDU में समीक्षा बैठक
बिहार विधान परिषद की चार सीटों के चुनाव में JDU को केवल पटना स्नातक सीट पर जीत मिली है। बाकी तीन सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के बाद पार्टी नेतृत्व चुनावी प्रदर्शन का आकलन करने में जुट गया है।
गुरुवार को पटना स्थित JDU कार्यालय में आयोजित बैठक में चुनाव जीतने और हारने वाले सभी उम्मीदवारों को बुलाया गया है। इसके अलावा उन जिलों के जिलाध्यक्षों को भी बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है, जहां चुनाव हुए थे। पार्टी के विधायक और विधान पार्षद भी बैठक में पहुंच रहे हैं।
उमेश कुशवाहा बोले- BJP से गठजोड़ फेविकोल जैसा
समीक्षा बैठक से पहले प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, “भाजपा से हमारा गठजोड़ फेविकोल की तरह है।”
उनके इस बयान को बिहार में JDU और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अहम माना जा रहा है। एक तरफ पार्टी गठबंधन को मजबूत बता रही है, तो दूसरी तरफ विधान परिषद चुनाव में खराब प्रदर्शन के कारणों की पड़ताल कर रही है।
जिलाध्यक्षों से मांगी जाएगी चुनावी रिपोर्ट
बैठक में संबंधित जिलों के अध्यक्षों से चुनावी रिपोर्ट ली जाएगी। पार्टी नेतृत्व यह जानने की कोशिश करेगा कि चुनाव के दौरान संगठन की सक्रियता कैसी रही और बूथ स्तर पर किस तरह की तैयारी की गई थी।
इसके अलावा मतदाताओं से संपर्क, चुनाव प्रबंधन और उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने को लेकर भी जिलाध्यक्षों से जानकारी ली जाएगी। जिन क्षेत्रों में उम्मीदवारों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला, वहां हार के कारणों की पहचान की जाएगी।
संगठन की कमजोरियों पर होगी चर्चा
JDU नेतृत्व यह समझने की कोशिश करेगा कि तीन सीटों पर मिली हार के पीछे संगठन की कमजोरी जिम्मेदार रही या चुनाव प्रबंधन में कोई कमी रह गई। उम्मीदवारों और जिलाध्यक्षों से मिले फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने पार्टी के सामने संगठन को मजबूत करने की चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में समीक्षा बैठक के फैसलों पर राजनीतिक गलियारों की नजर रहेगी।
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