NEWS SAGA DESK
बेंगलुरु : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। थावरचंद गहलोत ने लोक भवन के ‘ग्लास हाउस’ में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ ही आठ बार विधायक रहे डी.के. शिवकुमार का लंबे समय से संजोया गया राजनीतिक सपना साकार हो गया। शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच नेतृत्व को लेकर चली लंबी राजनीतिक खींचतान का अंत पिछले सप्ताह सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद हुआ।
सिद्धारमैया ने 28 मई को कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद दक्षिण भारत में कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।
शपथ ग्रहण समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। विभिन्न धर्मों के धार्मिक नेताओं के अलावा कनकपुरा के डोड्डालाहल्ली स्थित सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को भी बुलाया गया। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, सफाईकर्मी, किसान नेता, दलित संगठनों के प्रतिनिधि, पिछड़ा वर्ग के नेता, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, महिला एवं युवा नेता भी समारोह में शामिल हुए।
इसके अलावा फिल्म उद्योग, न्यायपालिका, खेल जगत, रंगमंच, साहित्य, कला, उद्योग और होटल क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भी समारोह में भाग लिया। इसे नई सरकार की समावेशी शासन व्यवस्था और समाज के सभी वर्गों के साथ जुड़ाव की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
शपथ ग्रहण से एक दिन पहले शिवकुमार ने कहा था कि उनके नेतृत्व में राज्य में युवाओं के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा को संघर्ष, धैर्य और कड़ी मेहनत का परिणाम बताते हुए कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि कांग्रेस के हर कार्यकर्ता की जीत है।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने किसी नेता नहीं, बल्कि एक कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। इस विश्वास के लिए वह कांग्रेस नेतृत्व के आभारी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि आगे की राह आसान नहीं होगी, लेकिन वह सभी चुनौतियों का सामना करते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक देश का एक महत्वपूर्ण राज्य है और दुनिया भारत को काफी हद तक बेंगलुरु के माध्यम से देखती है। उन्होंने किसानों, महिलाओं, युवाओं और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर विकास की दिशा में काम करने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समावेशी विकास, युवाओं के अवसरों के विस्तार और समाज के सभी वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता देगी। उनके अनुसार मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना एक कठिन सफर रहा, लेकिन यह संघर्ष लोकतांत्रिक मूल्यों और पार्टी के प्रति समर्पण का परिणाम है।
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