देवघर डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) कार्य का जायजा लेने के लिए देवघर व मोहनपुर के कई बूथों का निरीक्षण किया। कार्य में कोताही बरतने वाले सुपरवाइजर को शो-कॉज नोटिस और वेतन रोकने का निर्देश।
झारखंड के देवघर जिले में इन दिनों आगामी और चल रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहा है। अभियान की जमीनी हकीकत और पारदर्शिता को परखने के उद्देश्य से बुधवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त (DC) सौरभ कुमार भुवानिया ने देवघर और मोहनपुर प्रखंड के विभिन्न मतदान केंद्रों का सघन और औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) की संयुक्त बैठकों के साथ-साथ गांवों में चलाई जा रही ‘चुनाव पाठशाला’ की प्रगति का भी बारीकी से जायजा लिया तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई आवश्यक व कड़े दिशा-निर्देश दिए।
विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक दौरा और समीक्षा
निरीक्षण अभियान के पहले चरण के तहत उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने देवघर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्र संख्या 246, 247 और 248 का प्रत्यक्ष दौरा किया। इसके पश्चात उन्होंने अपना रुख मोहनपुर प्रखंड की ओर किया, जहां उन्होंने बूथ संख्या 450, 408, 409, 382 और 384 पर पहुंचकर वहां चल रहे मतदाता पुनरीक्षण कार्यों की फाइलें और दस्तावेजों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्वाचन से जुड़े सभी कार्य पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए। उन्होंने बल देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले का कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, संशोधन करवाने या नाम हटवाने की प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
बीएलओ सुपरवाइजर के गायब मिलने पर भड़के डीसी, कड़ी कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एक मतदान केंद्र पर प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया। आमगाछी स्थित मतदान केंद्र के औचक निरीक्षण के समय बीएलओ सुपरवाइजर के अनुपस्थित मिलने पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। निर्वाचन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य में इस प्रकार की कोताही या लापरवाही को उन्होंने बेहद गंभीरता से लिया।
इसे अनुशासनहीनता मानते हुए डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने तत्काल प्रभाव से अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को संबंधित नदारद बीएलओ सुपरवाइजर के खिलाफ कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही, अगले आदेश तक उनका वेतन रोकने का भी कड़ा प्रशासनिक निर्देश पारित किया गया, ताकि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई को बर्दाश्त न किए जाने का स्पष्ट संदेश दिया जा सके।
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