जेपीएससी पीटी परीक्षा OMR शीट गड़बड़ी मामले में CID की जांच तेज हो गई है। पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ और नए सबूतों के बाद परीक्षा रद्द होने की संभावना बढ़ी।
रांची: जेपीएससी पीटी परीक्षा OMR शीट गड़बड़ी मामले में सीआईडी की जांच लगातार तेज होती जा रही है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े इस मामले में पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से लगातार तीसरे दिन कई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच एजेंसी को अब तक मिले दस्तावेजों, बरामद OMR शीट और गिरफ्तार अभ्यर्थी के कबूलनामे के आधार पर यह माना जा रहा है कि जेपीएससी पीटी परीक्षा OMR शीट गड़बड़ी का मामला गंभीर है। इसी वजह से परीक्षा रद्द होने की संभावना भी काफी मजबूत होती दिखाई दे रही है।

जेपीएससी पीटी परीक्षा OMR शीट गड़बड़ी का मामला तब सुर्खियों में आया, जब सीआईडी को जांच के दौरान OMR शीट से जुड़ी कई अनियमितताओं के संकेत मिले। जांच के दौरान अभ्यर्थियों से उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी भी मांगी गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में दस्तावेज एजेंसी के पास पहुंचे। इनकी जांच में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें रिकॉर्ड और अभ्यर्थियों के पास मौजूद प्रतियों में अंतर पाया गया।
इसी दौरान हजारीबाग से गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ के मामले ने जांच को नई दिशा दी। आरोप है कि उसने परीक्षा में सीमित प्रश्नों के उत्तर देने के बावजूद प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली। उसके कबूलनामे और उपलब्ध दस्तावेजों ने जांच एजेंसी के संदेह को और मजबूत किया।
एल खियांग्ते से तीसरे दिन भी पूछताछ
सीआईडी ने पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से लगातार तीसरे दिन करीब नौ घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने उनसे भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, OMR शीट की सुरक्षा, निजी एजेंसी की भूमिका और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े कई सवाल पूछे।
सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि OMR शीट निजी एजेंसी के कार्यालय तक कैसे पहुंची और उसमें कथित गड़बड़ी कैसे हुई। हालांकि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिल सके। जांच एजेंसी अब उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य आरोपियों के बयानों का मिलान कर रही है।

OMR शीट बरामद होने से जांच को मिली नई दिशा
जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय में तलाशी ली गई थी। यहां से कई OMR शीट बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इन्हीं दस्तावेजों को जेपीएससी पीटी परीक्षा OMR शीट गड़बड़ी की जांच का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद OMR शीट निजी एजेंसी के कार्यालय तक किन परिस्थितियों में पहुंचीं और क्या इनके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई। इस दिशा में तकनीकी और दस्तावेजी जांच भी जारी है।
सुमन सौरभ की गिरफ्तारी से मिले अहम सुराग
अभ्यर्थी सुमन सौरभ की गिरफ्तारी के बाद जांच को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, उसके पास मिली OMR शीट उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी।
पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने परीक्षा में केवल 48 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, लेकिन इसके बावजूद उसे सफल घोषित कर दिया गया। इस बयान के बाद जांच एजेंसी ने पूरे परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया की गहन समीक्षा शुरू कर दी है। यही कारण है कि जेपीएससी पीटी परीक्षा OMR शीट गड़बड़ी का मामला अब और गंभीर माना जा रहा है।
अन्य आरोपियों से भी हुई पूछताछ
सीआईडी ने मामले में तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक, मार्केटिंग मैनेजर, तकनीकी प्रोग्रामर और अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच एजेंसी ने इन सभी को पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के सामने बैठाकर भी पूछताछ की, ताकि बयानों का मिलान किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इससे जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट करने में मदद मिली है।
आधिकारिक स्थिति और संभावित प्रभाव
सीआईडी की ओर से फिलहाल जांच जारी होने की बात कही गई है। एजेंसी सभी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के बयानों की जांच कर रही है। अभी तक परीक्षा रद्द करने का कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इस संभावना से इनकार भी नहीं किया जा रहा।
यदि जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो इसका असर हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है। 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद 2204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। हालांकि मुख्य परीक्षा पहले ही स्थगित की जा चुकी है।
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जांच एजेंसी ने जिन अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया है, उनसे OMR शीट की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें और परीक्षा या परिणाम से जुड़ी किसी भी नई जानकारी के लिए संबंधित सरकारी माध्यमों पर नजर रखें।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी के आदेश के बाद ही लिया जाएगा। ऐसे में परीक्षा रद्द होने या आगे की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
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