रांची में बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर निशाना साधा। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए इसे फोटो शूट करार दिया।
News Saga Desk
झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने देशव्यापी कार्यक्रम के तहत ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा के जरिए बीजेपी ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी की इस पदयात्रा पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए इसे महज फोटो शूट करार दिया। इस बयान के बाद झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
आदित्य साहू के नेतृत्व में निकली पदयात्रा
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में रांची में पदयात्रा की शुरुआत हुई। इसमें केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सह प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा समेत पार्टी के कई विधायक, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
पदयात्रा के दौरान बीजेपी नेताओं ने लोगों से संवाद किया और कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
आदित्य साहू बोले- कांग्रेस को प्रधानमंत्री की लोकप्रियता हजम नहीं
पदयात्रा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में करीब 65 वर्षों तक शासन किया, लेकिन इसके बावजूद गरीबी खत्म नहीं कर सकी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान बड़ी आबादी गरीबी रेखा से ऊपर आई है।
आदित्य साहू ने कहा कि अलग-अलग चुनावों में जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया है। कांग्रेस प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को स्वीकार नहीं कर पा रही है। इसी वजह से वह हर दिन नए हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की चालबाजी में देश की जनता आने वाली नहीं है।
गजेंद्र सिंह पटेल ने समझाई SIR की प्रक्रिया
मौके पर बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और झारखंड प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि कांग्रेस इसे जनता के सामने गलत और जटिल तरीके से पेश करने में जुटी हुई है।
उन्होंने लोगों से SIR की प्रक्रिया को समझने और इससे जुड़े तथ्यों को जानने की अपील की।
बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना
पदयात्रा के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल राजनीतिक अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बीजेपी नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता के बीच जाकर कांग्रेस की राजनीति को उजागर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास को ये दल स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
कांग्रेस का पलटवार- पदयात्रा नहीं, सिर्फ फोटो शूट
बीजेपी की पदयात्रा पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि यह पदयात्रा लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि फोटो खिंचवाने और रील बनाने के लिए आयोजित की गई थी।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रील बनाकर पैसे कमाने संबंधी बयान का जिक्र करते हुए तंज कसा कि इसी वजह से बीजेपी के नेता सड़क पर उतरकर फोटो और वीडियो बनवा रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष भी लोकतंत्र बचाने की ही बात कर रहा है। पार्टी का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग इसलिए की जा रही है क्योंकि उनके कार्यकाल में देशभर में अराजकता की स्थिति पैदा हुई है। कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसके नेता ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए पदयात्रा निकाल रहे हैं।
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