News Saga Desk
बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव दर्ज हो गया है। सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर एक नया अध्याय शुरू कर दिया है। यह ऐतिहासिक इसलिए भी है क्योंकि पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता बिहार के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचा है। राजधानी पटना के लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान एनडीए के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में “सम्राट युग” की शुरुआत मानी जा रही है। समारोह के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शपथ से पहले सम्राट चौधरी से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और भरोसा जताया कि उनके नेतृत्व में बिहार विकास, सुशासन और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
सम्राट चौधरी बिहार की राजनीति के एक प्रभावशाली और कद्दावर ओबीसी चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। वे अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली और मजबूत संगठन क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।
प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि उनका जन्म 16 नवंबर 1968,मुंगेर (बिहार) लखनपुर गांव में हुआ , कुशवाहा बिहार की प्रमुख OBC जातियों में से एक है सम्राट के पिता शकुनी चौधरी – पूर्व सांसद और बिहार विधानसभा के उपसभापति रह चुके है वहीं उनकी माता पार्वती देवी – पूर्व विधायक है। राजनीतिक माहौल में पले-बढ़े सम्राट चौधरी ने शुरू से ही राजनीति को करीब से समझा।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक करियर काफी उतार-चढ़ाव और अनुभवों से भरा रहा है। 1990 के दशक में वो राजनीति में सक्रिय हुए उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और राबड़ी देवी सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्रियों में शामिल रहे बाद में जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल होकर संगठन और सरकार में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। 2018 में भाजपा में शामिल होने के बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने और संगठन को मजबूत किया। बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री के रूप में काम किया 2024 में नीतीश कुमार के एनडीए में लौटने के बाद वे उपमुख्यमंत्री बने उनकी पहचान उनके केसरिया पगड़ी से भी जुड़ी है, जिसे लेकर उन्होंने राजनीतिक संकल्प भी जताया था।
नई सरकार में जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव को डिप्टी सीएम बनाया गया है। विजय चौधरी ने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखा है और आगे भी उनकी कार्यशैली को अपनाया जाएगा। वहीं बिजेंद्र यादव ने कहा कि सभी मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संकेत दिया है कि उनकी सरकार नीतीश कुमार की नीतियों और विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी। इससे यह स्पष्ट है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की कोशिश होगी। अब ये देखने वाली बात होगी कि सम्राट युग बिहार को विकास की किन ऊंचाइयों तक लेकर जाता है।
No Comment! Be the first one.