News Saga Desk
रांची । झारखंड की कारागारों में इस बार छठ पूजा का अनोखा नजारा देखने को मिला। लोहे की सलाखों के पीछे भी छठी मैया के गीत गूंज रहे हैं और कैदियों के चेहरे श्रद्धा और भक्ति से दमक रहे हैं। राज्य की विभिन्न जेलों में इस बार कुल 56 बंदियों ने छठ व्रत रखा, जिनमें 25 महिलाएं और 31 पुरुष शामिल हैं।
सबसे अधिक व्रती बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, रांची में हैं, जहाँ 8 पुरुष और 8 महिला कैदियों ने व्रत किया। जेल परिसर में ही सूर्य देव और छठी मैया की पूजा के लिए विशेष स्थल बनाया गया है। दीपों की रौशनी और भक्ति गीतों ने पूरे माहौल को दिव्यता से भर दिया।
जेल प्रशासन ने व्रतियों के लिए पूजा सामग्री, नए वस्त्र और नैवेद्य की व्यवस्था की है। अर्घ्य के दौरान किसी असुविधा से बचने के लिए रोशनी और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
अन्य जेलों में व्रतियों का विवरण इस प्रकार है
दुमका: 2 महिला, हजारीबाग: 5 महिला, 7 पुरुष, पलामू और धनबाद: 10-10 कैदी, चतरा: 2, गिरिडीह: 1 पुरुष, पाकुड़: 1 महिला, साहिबगंज: 1 पुरुष, चास: 1 महिला
कारागार में धार्मिक पर्व : कैदियों में आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा
कारा अधीक्षकों का कहना है कि धार्मिक पर्व कैदियों में आत्मचिंतन, संयम और सकारात्मक सोच का संचार करते हैं। इस बार का छठ पर्व जेलों में न केवल भक्ति का प्रतीक बना है, बल्कि अनुशासन और आत्मशुद्धि का भी संदेश दे रहा है।
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