NEWS SAGA DESK
रांची। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन के माध्यम से एचआईवी संक्रमण की आशंका के मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि यह मामला अत्यंत गंभीर है। दो दिन पूर्व घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान एक बच्चे में एचआईवी संक्रमण की प्राथमिक पुष्टि हुई है।
डॉ. अंसारी ने बताया कि इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चाईबासा के सिविल सर्जन, एचआईवी यूनिट के प्रभारी चिकित्सक तथा संबंधित टेक्नीशियन — तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जिसे एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित रक्त आपूर्ति ब्लड बैंक से हुई थी या बाहर से।
डॉ. अंसारी ने कहा कि एचआईवी संक्रमण की पूर्ण पुष्टि में लगभग चार सप्ताह का समय लगता है। यदि विंडो पीरियड के दौरान संक्रमित रक्त ट्रांसफ्यूज हो गया हो, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। फिलहाल डेढ़ वर्ष में 32 बार प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन किए जाने की जानकारी मिली है, जिन 32 लोगों को चिन्हित किया गया है उनमें से दो की जांच रिपोर्ट एचआईवी नेगेटिव आई है।
उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन को पूरे प्रकरण की जानकारी दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस पर संज्ञान लेते हुए सख्त और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
डॉ. अंसारी ने कहा — हम सबके लिए बच्चे सबसे प्रिय हैं। उनके स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर कठोर और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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