मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यूके की मंत्री सीमा मल्होत्रा से की मुलाकात, झारखंड–यूके सहयोग को मजबूत करने पर हुई चर्चा

News Saga Desk

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम सरकार की संसदीय अवर सचिव (समानता एवं इंडो-पैसिफ़िक मामलों की मंत्री) सीमा मल्होत्रा से भेंट कर शिक्षा, कौशल विकास, उत्तरदायी खनन, क्लाइमेट ट्रांज़िशन, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में झारखंड और यूके के बीच व्यावहारिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान यूके सरकार ने झारखंड सरकार की मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप एवं चेवनिंग मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप की सराहना की और इन्हें भारत–यूके साझेदारी का सशक्त एवं जीवंत उदाहरण बताया। बताया गया कि बीते चार वर्षों में इन योजनाओं के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है। दोनों पक्षों ने सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड स्कॉलरशिप मार्गों पर कार्य करने तथा विदेश अध्ययन को मेंटोरशिप, इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास और सार्वजनिक सेवा अनुभव से जोड़ने के लिए एक ठोस कार्ययोजना विकसित करने में रुचि व्यक्त की।

बैठक में यूके के प्रमुख विश्वविद्यालयों, स्किल्स एवं क्वालिफ़िकेशन संस्थानों के साथ संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इसमें खनन प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सततता, डेटा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गवर्नेंस और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, फैकल्टी एक्सचेंज, एप्लाइड रिसर्च, टीवीईटी तथा अप्रेंटिसशिप मार्गों की स्थापना शामिल है।

आर्थिक एवं जलवायु सहयोग के संदर्भ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में यूके की विशेषज्ञता के साथ घनिष्ठ सहयोग का प्रस्ताव रखा। इसमें ईएसजी सिस्टम, मिनरल ट्रेसबिलिटी, खदान सुरक्षा, स्वच्छ प्रसंस्करण और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन जैसे पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान उत्तरदायी क्रिटिकल मिनरल्स पर एक झारखंड–यूके वर्किंग ट्रैक स्थापित करने पर भी चर्चा हुई, जिससे मानकों, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार और आपूर्ति-श्रृंखला साझेदारी को मजबूती मिलेगी।

बैठक में यूके की जलवायु एवं वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से कोयला क्षेत्रों के विविधीकरण, जलवायु अनुकूलन तथा श्रमिकों और समुदायों के समर्थन के लिए ट्रांज़िशन फाइनेंस संरचना विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। झारखंड को “जस्ट ट्रांज़िशन” कार्यक्रमों के लिए एक पायलट राज्य के रूप में विकसित करने और शहरी गतिशीलता व जलवायु वित्त को सहयोग के पूरक क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया।

संस्कृति, खेल और विरासत संरक्षण को जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने भारत–यूके विरासत संरक्षण समझौते के तहत झारखंड के मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण के लिए यूके से सहयोग का आग्रह किया। इस संदर्भ में स्टोनहेंज जैसे वैश्विक सर्वोत्तम उदाहरणों का उल्लेख करते हुए दीर्घकाल में यूनेस्को मान्यता की दिशा में कार्य करने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री सीमा मल्होत्रा को झारखंड भ्रमण का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को फ़ॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) मुख्यालय का भी अवलोकन कराया गया। वहीं मंत्री सीमा मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को शनिवार को यूके के प्रतिष्ठित मेगालिथिक एवं मोनोलिथिक विरासत स्थल स्टोनहेंज के भ्रमण का भी आमंत्रण दिया।

Read More News

मानगो नगर निगम मेयर पद के लिए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता ने भरा नामांकन

मानगो नगर निगम से मेयर पद के लिए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता ने मंगलवार को अपना...

Read More