धनबाद में आटा मिल कर्मी की हत्या के विरोध में सड़क जाम, 15 लाख मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग

NEWS SAGA DESK

उमेश यादव हत्याकांड से भड़के लोगों ने धनबाद-झरिया मुख्य मार्ग किया जाम, पुलिस पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने का आरोप

धनबाद के बस्ताकोला क्षेत्र में आटा मिल कर्मचारी उमेश यादव की हत्या के विरोध में सोमवार को लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने धनबाद-झरिया मुख्य मार्ग को जाम कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने और हत्या में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

जानकारी के अनुसार, उमेश यादव स्थानीय व्यवसायी रत्न अग्रवाल के आटा मिल में कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। रविवार को वे तकादा कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान गोंदुडीह ओपी क्षेत्र के हिल टॉप आउटसोर्सिंग के समीप पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से उमेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन बस्ताकोला के समीप धनबाद-झरिया मुख्य मार्ग पर पहुंच गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि धनबाद में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस अपराधियों पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रही है।

सड़क जाम के कारण मुख्य मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्रियों और आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।

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प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और अपराधियों की गिरफ्तारी का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। लोगों ने मृतक परिवार के लिए आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की भी मांग उठाई।

वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। हत्या के पीछे लूट, पुरानी रंजिश और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उमेश यादव हत्याकांड ने एक बार फिर धनबाद जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हालात पर नजर बनाए हुए है।

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