News Saga Desk
खूंटी: भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन यहां पहुंचे। उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।

बिरसा मुंडा को अर्पित की श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति ने उलिहातू पहुंचकर बिरसा मुंडा की प्रतिमा और उनके जन्मस्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है, जो आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

स्थानीय लोगों और वंशजों से की मुलाकात
दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने बिरसा मुंडा के वंशजों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। लोगों ने पारंपरिक तरीके से “जोहार” कहकर उनका स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी आत्मीय हो गया।
गांव में उत्साह और गर्व का माहौल
उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर उलिहातू और आसपास के गांवों में सुबह से ही उत्साह का माहौल था। बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए जुटे रहे। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस विशेष अवसर का हिस्सा बनने को उत्साहित नजर आए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दौरे को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई और हर गतिविधि पर नजर रखी गई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
गौरव का क्षण बना दौरा
उपराष्ट्रपति का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि झारखंड के इतिहास और गौरव से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। बिरसा मुंडा की धरती पर पहुंचकर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के योगदान को भी सम्मान दिया।
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