News Saga Desk
पटना : सियासत में आज बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य की बागडोर अब से सम्राट चौधरी के हाथों में होगी। उनके नेतृत्व में सरकार के कामकाज और नीतियों में नए दृष्टिकोण की उम्मीद जताई जा रही है।
सम्राट चौधरी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब राज्य कई महत्वपूर्ण चुनौतियों और विकास कार्यों के दौर से गुजर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में प्रशासनिक फैसलों में तेजी और नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
वहीं, विपक्ष इस बदलाव पर नजर बनाए हुए है और आने वाले समय में सरकार के फैसलों पर अपनी रणनीति तय करेगा। अब देखना यह होगा कि सम्राट चौधरी अपने कार्यकाल में राज्य की जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाते हैं।
राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया कल सुबह 11 बजे शुरू हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक में शामिल हुए। उसके बाद अपने सरकारी निवास पहुंचे। वहां से 3ः15 बजे लोकभवन गए और राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंपा और सीधे आवास पर लौट आए। उनके साथ सम्राट चौधरी, पूर्व संसदीय कार्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह भी लोकभवन गए ।
उनके साथ केंद्रीयमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जनता दल (संयुक्त) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, केंद्रीयमंत्री राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह, जीतनराम मांझी, पूर्व मंत्री विजय कुमार चौधरी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, रालोमो के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एवं लोजपा (रा) के सांसद अरुण भारती भी थे। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे।
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