News Saga Desk
गुजरात : भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी खबर है, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी जहाज जग विक्रम 14 अप्रैल को सफलतापूर्वक दीनदयाल पोर्ट (कंडला पोर्ट) पहुंच गया।
यह जहाज करीब 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है। खास बात यह है कि इसने 11 अप्रैल को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार किया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस जहाज का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
LPG सप्लाई को मिलेगी मजबूती
इस बड़ी खेप के आने से गुजरात समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में रसोई गैस की आपूर्ति मजबूत होने की उम्मीद है। 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी का मतलब है कि इससे करीब 14 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) भरे जा सकते हैं। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, ऐसे में इस तरह की सप्लाई देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद अहम मानी जाती है।
सप्लाई चेन में सुधार के संकेत
बताया जा रहा है कि जग विक्रम हाल के तनावपूर्ण माहौल में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने वाले भारतीय जहाजों में शामिल है, जो यह संकेत देता है कि धीरे-धीरे सप्लाई चेन सामान्य होने लगी है। सप्लाई बढ़ने से बाजार में गैस की कमी कम होगी, जिससे ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एलपीजी की कीमतों में भी स्थिरता देखने को मिल सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, अभी भी कई भारतीय जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। जग विक्रम की सुरक्षित वापसी के बाद अब अन्य जहाजों को भी सुरक्षित लाने की कोशिश तेज की जा रही है।
कुल मिलाकर, ‘जग विक्रम’ की यह खेप मौजूदा एलपीजी संकट के बीच एक बड़ी राहत साबित हो सकती है और देश की सप्लाई चेन को फिर से पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभाएगी।
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