NEWS SAGA DESK
नई दिल्ली। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने भलस्वा डंपसाइट का दौरा कर वहां चल रहे अपशिष्ट निस्तारण और भूमि पुनः प्राप्ति कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा अपशिष्ट निस्तारण स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है।
भलस्वा डंपसाइट को मंत्रालय ने कचरा स्थल निस्तारण एवं कार्य योजना (डीआरएपी) पहल के तहत अपनाया है। यह मिशन मोड कार्यक्रम देशभर के पुराने बड़े कचरा स्थलों को वैज्ञानिक तरीके से समाप्त कर ‘लक्ष्य शून्य कचरा स्थल’ हासिल करने पर केंद्रित है। मंत्री ने सितंबर 2025 में इस साइट को औपचारिक रूप से अपनाने की घोषणा की थी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जून 2022 में इस स्थल पर लगभग 73 लाख मीट्रिक टन कचरा मौजूद था। जुलाई 2022 से प्रतिदिन करीब 15 हजार मीट्रिक टन अपशिष्ट का जैव खनन किया जा रहा है। 26 मई 2026 तक यहां शेष कचरा घटकर लगभग 23.17 लाख मीट्रिक टन रह गया है। अब तक करीब 43 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त की जा चुकी है, जबकि कुल क्षेत्रफल लगभग 70 एकड़ है।
मनोहर लाल ने समीक्षा बैठक में जैव अपशिष्ट खनन, पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों, अग्नि रोकथाम, लीचेट प्रबंधन और संपूर्ण निस्तारण प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को सितंबर तक डंपसाइट की पूरी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि रोजाना उत्पन्न होने वाले ताजा कचरे का तुरंत निस्तारण किया जाए, ताकि नया पुराना कचरा जमा न हो।
मंत्री ने निर्देश दिया कि पुनः प्राप्त भूमि का उपयोग जनकल्याण और सार्वजनिक हित के कार्यों में किया जाए।
इस दौरान नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार, मुख्य अभियंता-प्रमुख पीसी मीना, मुख्य अभियंता केके शर्मा और उप आयुक्त शशि समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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