News Saga Desk
रांची : झारखंड में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को लेकर छात्र और युवा संगठनों ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। आइसा (AISA), आरवाईए सहित कई छात्र संगठनों ने 29 मई को पूरे राज्य में चक्का जाम करने की घोषणा की है। आंदोलन को लेकर विभिन्न जिलों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
छात्र संगठनों का कहना है कि झारखंड के कॉलेजों में लागू किए गए क्लस्टर सिस्टम, नेट परीक्षा पेपर लीक मामले और CBSC उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में हुई कथित धांधली के खिलाफ यह आंदोलन किया जा रहा है। संगठनों ने आरोप लगाया कि लगातार शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताएं बढ़ रही हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है।
आइसा नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन सिर्फ छात्रों की समस्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिसके कारण अब सड़क पर उतरने की नौबत आ गई है।
कई जिलों में होगा प्रदर्शन
आइसा की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, रांची समेत राज्य के कई जिलों में चक्का जाम किया जाएगा। इनमें गिरिडीह, धनबाद, रामगढ़, बोकारो, पलामू, गढ़वा, लातेहार, हजारीबाग, जामताड़ा, देवघर, चतरा और जमशेदपुर प्रमुख रूप से शामिल हैं।
राजधानी रांची में आंदोलन का मुख्य केंद्र अल्बर्ट एक्का चौक होगा, जहां सुबह से ही छात्र और युवा संगठनों के सदस्य जुटना शुरू करेंगे। इसके बाद सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
- कॉलेजों में क्लस्टर सिस्टम लागू होने से छात्रों को परेशानी हो रही है।
- नेट परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- CBSC उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में धांधली के कारण छात्रों के परिणाम प्रभावित हुए हैं।
- सरकार और संबंधित विभाग छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
आंदोलनकारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
प्रशासन अलर्ट मोड में
राज्यव्यापी चक्का जाम को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। विभिन्न जिलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। छात्र संगठनों की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल होंगे।
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