नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान बना जन आंदोलन, युवाओं को बचाने के लिए समाज को एकजुट होना होगा : मनोज सिन्हा

NEWS SAGA DESK

कुलगाम :-जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान को जन आंदोलन बताते हुए कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन हर परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने स्वयं को लोगों के परिवार का सदस्य बताते हुए नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के लारू बस स्टैंड पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि 51 दिन पहले शुरू किया गया नशा-विरोधी अभियान अब एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। इसमें परिवारों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक नेताओं और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।

उन्होंने कहा, “मैं आपके परिवार के सदस्य के रूप में आपके संघर्ष और सुरक्षित, संरक्षित तथा नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर के सपने का समर्थन करने के लिए आपके बीच उपस्थित हूं।”

उपराज्यपाल ने कहा कि यह अभियान अब केवल सरकारी विभागों या कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाला सामूहिक मिशन बन गया है। उनके अनुसार जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के सहयोग से ऐसा आंदोलन आकार ले रहा है जिसने गांवों, शहरों और परिवारों को एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट किया है।

उन्होंने कहा कि जो प्रयास एक छोटी पहल के रूप में शुरू हुआ था, वह अब एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन चुका है। यदि जनता इसी तरह एकजुट रही तो यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आशा, साहस और दृढ़ संकल्प की नई चेतना जागृत हुई है।

उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय तक आतंकवाद और हिंसा की चुनौतियों से जूझता रहा है। इसके साथ ही नशे की बढ़ती प्रवृत्ति भी युवाओं के लिए गंभीर खतरे के रूप में सामने आई है। उन्होंने कहा कि नशा धीरे-धीरे युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेकर समाज की नींव को कमजोर कर रहा था।

उन्होंने याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2021 से नशा विरोधी प्रयासों को और तेज किया गया ताकि युवाओं को आतंकवाद और मादक पदार्थों के दोहरे खतरे से बचाया जा सके।

मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को नशे और हिंसा दोनों से दूर रखकर उन्हें विकास और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को नशे के अंधकार में बांधे रखने वाली बेड़ियां अब धीरे-धीरे टूट रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

उपराज्यपाल ने बताया कि पिछले 50 दिनों के दौरान जम्मू और कश्मीर पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन ने मिलकर नशा-विरोधी अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया है। उन्होंने इसे “संपूर्ण सरकारी और समग्र सामाजिक दृष्टिकोण” का उदाहरण बताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी जब सरकार और समाज दोनों मिलकर काम करेंगे।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवारों और आसपास के युवाओं को नशे से दूर रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए इस जन अभियान का हिस्सा बनें।

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