मानसून से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन, बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी : प्रभारी मंत्री

NEWS SAGA DESK

सुपौल : मानसून के आगमन से पूर्व बाढ़ संबंधी तैयारियों और जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा के बाद जिले के प्रभारी मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है।

जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री ने कहा कि सुपौल कोसी क्षेत्र का अत्यंत संवेदनशील जिला है, जहां हर वर्ष बाढ़ की चुनौती का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उन्होंने बताया कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है, संवेदनशील स्थलों की पहचान कर ली गई है तथा राहत सामग्री का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। इसके अलावा नावों की उपलब्धता, चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बाढ़ आने के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि पहले से ऐसी तैयारी करना है जिससे जनधन की क्षति को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उनके अनुसार बिहार सरकार विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, बिजली और ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे तथा किसी भी स्तर पर अनियमितता या अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ पूर्व तैयारी, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन को हर स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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