News Saga Desk
स्कॉलरशिप, रोजगार, स्वास्थ्य, आश्रम स्कूल, वन अधिकार पट्टा और कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।
रांची: झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आदिवासी कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में मंत्री हफीजुल हसन अंसारी और मंत्री चमरा लिंडा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। साथ ही राज्य में साइकिल उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर कार्य करने और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (CMEGP) की प्रभावी समीक्षा एवं मूल्यांकन करने के निर्देश दिए।
बैठक में छात्रावासों और अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने, आश्रम विद्यालयों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित करने तथा वन अधिकार पट्टा अभियान में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा राज्य में ड्राइविंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता के साथ जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर बल दिया।
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