राघोपुर में गंगा कटाव लगातार बढ़ रहा है। कटाव का दायरा 400-500 मीटर तक पहुंच गया है और रेलवे लाइन व तटबंध की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
News Saga Desk
भागलपुर के खरीक प्रखंड के राघोपुर क्षेत्र में राघोपुर गंगा कटाव ने प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गंगा नदी के लगातार हो रहे भीषण कटाव से अब गांव के अस्तित्व के साथ-साथ राघोपुर तटबंध और रेलवे लाइन की सुरक्षा को लेकर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग की टीम युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटी है, लेकिन नदी का कटाव लगातार जारी है।
बताया जा रहा है कि पहले जिस स्थान पर कटाव का दायरा करीब 30 से 40 मीटर तक सीमित था, वह अब बढ़कर लगभग 400 से 500 मीटर तक फैल चुका है। कटाव के इस तेजी से बढ़ते दायरे ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ग्रामीणों के मुताबिक नदी लगातार जमीन को अपनी धारा में समेट रही है और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रेलवे लाइन की ओर बढ़ रहा कटाव
राघोपुर में सबसे बड़ी चिंता अब कटाव के रेलवे लाइन की दिशा में बढ़ने को लेकर है। दुर्गा मंदिर के नदी की चपेट में आने के बाद कटाव का रुख रेलवे लाइन की ओर बढ़ने से खतरा और संवेदनशील हो गया है। महत्वपूर्ण रेल संरचना की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के दबाव को देखते हुए केवल तत्काल राहत उपाय पर्याप्त नहीं होंगे। कटाव की दिशा और गति को देखते हुए तटबंध तथा रेलवे लाइन की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
दुर्गा मंदिर भी आया कटाव की चपेट में
राघोपुर तटबंध के समीप स्थित दुर्गा मंदिर के नदी कटाव की चपेट में आने के बाद स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई। मंदिर के प्रभावित होने की सूचना के बाद प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।
मंदिर के बाद जब कटाव रेलवे लाइन की ओर बढ़ने लगा तो अधिकारियों की चिंता और बढ़ गई। अब राघोपुर गांव, तटबंध और रेलवे लाइन को संभावित नुकसान से बचाना प्राथमिकता बन गया है।
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जल संसाधन विभाग युद्धस्तर पर कर रहा बचाव कार्य
राघोपुर गंगा कटाव को नियंत्रित करने के लिए जल संसाधन विभाग की टीम लगातार मौके पर काम कर रही है। अभियंता और कर्मचारी नदी की स्थिति तथा कटाव की दिशा पर लगातार नजर रख रहे हैं। नदी के अंदर से कटाव को नियंत्रित करने के लिए जहाज और नाव के माध्यम से भी बचाव कार्य शुरू कराया गया है।
अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रहकर बचाव कार्य की प्रगति की निगरानी कर रही है। नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए विभाग की ओर से कई स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है।
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