बोनस शेयर: बिना पैसे लगाए बढ़ेंगे आपके शेयर, समझें 1:1 और 2:1 का गणित

NEWS SAGA DESK

बोनस शेयर क्या होते हैं और कंपनियां इन्हें क्यों जारी करती हैं? जानिए 1:1 और 2:1 रेशियो का मतलब तथा आपके निवेश पोर्टफोलियो पर इसका क्या असर पड़ता है।

शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बोनस शेयर क्या हैं और यह कैसे काम करते हैं, यह समझना बेहद महत्वपूर्ण है। आसान शब्दों में कहें तो बोनस शेयर वे अतिरिक्त शेयर होते हैं जो कंपनियां अपने मौजूदा निवेशकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यानी मुफ्त में देती हैं। यह कंपनियों द्वारा अपने वफादार शेयरधारकों को दिया जाने वाला एक तरह का इनाम होता है। हालांकि, अधिकांश नए निवेशक इसे ‘मुफ्त का मुनाफा’ मान लेते हैं, लेकिन इसका गणित थोड़ा अलग है। बोनस शेयर मिलने से तुरंत आपके कुल निवेश का बाजार मूल्य दोगुना नहीं होता, बल्कि शेयरों की संख्या और उनकी कीमत में अनुपातिक समायोजन (Adjustment) होता है।

बोनस शेयर क्या हैं

जब कोई कंपनी लंबे समय से लगातार अच्छा मुनाफा कमा रही होती है और उसके पास बड़ा रिजर्व फंड (Reserve Fund) जमा हो जाता है, तब वह बोनस शेयर जारी करने का फैसला करती है। इस प्रक्रिया में कंपनी अपने संचित मुनाफे को शेयर पूंजी में बदल देती है, जिसे वित्तीय भाषा में ‘मुनाफे का पूंजीकरण’ (Capitalization of Profits) कहा जाता है।

कंपनियों द्वारा बोनस शेयर जारी करने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • लिक्विडिटी बढ़ाना: जब किसी शेयर की कीमत बहुत अधिक हो जाती है, तो छोटे निवेशक उसे खरीदने से कतराते हैं। बोनस शेयर के जरिए शेयर की कीमत कम हो जाती है, जिससे बाजार में इसकी खरीद-बिक्री (Liquidity) आसान हो जाती है।
  • शेयरधारकों का भरोसा: बोनस शेयर देकर कंपनियां अपने निवेशकों को यह संदेश देती हैं कि उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत है और वे विकास के रास्ते पर हैं।

निवेशकों को बोनस शेयर से क्या लाभ होता है?

यद्यपि बोनस शेयर मिलते ही आपका पोर्टफोलियो वैल्यू नहीं बढ़ता, लेकिन लंबे समय में इसके बड़े फायदे होते हैं:

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  • बिना लागत के अधिक शेयर: निवेशकों को बिना एक भी रुपया अतिरिक्त खर्च किए ज्यादा शेयर मिल जाते हैं।
  • भविष्य में अधिक लाभांश (Dividend): कंपनियां जब भी प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान करती हैं, तो आपके पास ज्यादा शेयर होने के कारण आपको अधिक लाभांश राशि मिलती है।
  • लॉन्ग टर्म कैपिटल एप्रिसिएशन: यदि कंपनी भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करती है और शेयर का भाव दोबारा बढ़ता है, तो अधिक शेयर होने के कारण निवेशकों को जबरदस्त कंपाउंडिंग रिटर्न मिलता है।

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