NEWS SAGA DESK
भागलपुर जिले के घोघा थाना क्षेत्र के जानीडीह गांव से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। एक वृद्ध पिता ने अपनी ही बेटियों पर उन्हें कागजों में मृत दिखाकर जमीन हड़पने और बाद में पूरी संपत्ति बेच देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
जानीडीह गांव निवासी बुनेल यादव ने कहलगांव अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर बताया है कि उनकी दोनों विवाहित पुत्रियों ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से दस्तावेज तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची। उनका आरोप है कि उन्हें जीवित रहते हुए भी अभिलेखों में मृत दर्शाया गया और उनकी संपत्ति का बंटवारा कर जमीन बेच दी गई।
बुनेल यादव के अनुसार, उनके कोई पुत्र नहीं हैं और करीब 20 वर्ष पहले उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। वर्तमान में उनकी दो बेटियां हैं, जिनका विवाह हो चुका है। उन्होंने बताया कि उनके नाम पर लगभग 14 डिसमिल खतियानी जमीन है, जिसके सभी राजस्व संबंधी दस्तावेज उन्होंने प्रशासन को उपलब्ध करा दिए हैं।
वृद्ध का आरोप है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना परिवार के गोतिया बंटवारे का एक दस्तावेज तैयार किया गया। हैरत की बात यह है कि कथित बंटवारे के दस्तावेज में न तो उनके हस्ताक्षर हैं और न ही अंगूठे का निशान। इसके बावजूद उन्हें हिस्सेदार नहीं दिखाया गया, जबकि उनकी दोनों बेटियों को जमीन का हिस्सेदार दर्शाया गया।
बुनेल यादव का कहना है कि इसी कथित बंटवारे के आधार पर उनकी बेटियों ने पूरी जमीन बेच दी। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली और उन्होंने विरोध जताया, तब तक जमीन का सौदा पूरा हो चुका था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संपत्ति बेचने के बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया।
वृद्ध ने आवेदन में कहा है कि वृद्धावस्था में उनके पास न तो रहने का कोई ठिकाना बचा है और न ही जीविका का कोई साधन। वे न्याय की उम्मीद में सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल कानून का गंभीर उल्लंघन होगा, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों पर भी बड़ा आघात माना जाएगा।
बुनेल यादव ने प्रशासन से कथित फर्जी बंटवारे और जमीन बिक्री की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा उनकी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। प्रशासन की ओर से आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।
No Comment! Be the first one.