Bihar Anti Corruption Drive को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा बयान। तकनीक, पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार मुक्त बिहार बनाने का संकल्प।
News Saga Dask
बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करने का संकेत दिया है। Bihar Anti Corruption Drive को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि तकनीक, पारदर्शिता और जनता के भरोसे के आधार पर बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुशासन को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।
पटना में बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस और बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि Bihar Anti Corruption Drive का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें भ्रष्टाचार की संभावनाएं न्यूनतम हो जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए बिहार सरकार भी लगातार काम कर रही है। पारदर्शी प्रशासन, डिजिटल तकनीक और जवाबदेही की व्यवस्था से शासन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की नीति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की है और इसमें किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
निगरानी एजेंसियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, स्पेशल विजिलेंस यूनिट और आर्थिक अपराध इकाई को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सीधे और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि Bihar Anti Corruption Drive के तहत भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चाहे मामला उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों का हो या निचले स्तर के कर्मचारियों का, किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मंत्रियों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जब्त परिसरों में खोले जाएंगे विद्यालय
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की एक महत्वपूर्ण घोषणा चर्चा का केंद्र रही। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जब्त की गई संपत्तियों और परिसरों का उपयोग सार्वजनिक हित में किया जाएगा।
Bihar Anti Corruption Drive के तहत सरकार ऐसे परिसरों में विद्यालय संचालित करने की योजना बना रही है। उनका कहना था कि अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों का उपयोग शिक्षा जैसे सकारात्मक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।
इस कदम का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देना और समाज के लिए उपयोगी संसाधन तैयार करना है।
स्कूलों में चलेगा भ्रष्टाचार विरोधी अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक चुनौती भी है। इसे समाप्त करने के लिए बच्चों और युवाओं में ईमानदारी तथा नैतिक मूल्यों का विकास जरूरी है।
इसी सोच के तहत Bihar Anti Corruption Drive में स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। विद्यार्थियों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शॉर्टकट की संस्कृति को छोड़कर मेहनत और नैतिकता को अपनाना ही समाज के विकास का आधार बन सकता है।
सभी प्रमंडलों में बनेंगे विशेष निगरानी न्यायालय
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार के सभी नौ प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालय (स्पेशल विजिलेंस कोर्ट) स्थापित किए जाएंगे।

उनका कहना है कि Bihar Anti Corruption Drive को प्रभावी बनाने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों का त्वरित निपटारा जरूरी है। विशेष न्यायालयों के माध्यम से मामलों की सुनवाई तेज होगी और दोषियों को जल्द सजा मिल सकेगी।
इससे लंबित मामलों में कमी आने और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हर जिले में निगरानी थाना और अनुमंडल में ओपी
भ्रष्टाचार विरोधी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में निगरानी थाना स्थापित करने की घोषणा की। इसके अलावा सभी अनुमंडलों में निगरानी ओपी (आउटपोस्ट) खोले जाने की बात भी कही गई।
Bihar Anti Corruption Drive के तहत यह व्यवस्था शिकायतों के त्वरित निस्तारण और जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाने में मदद करेगी। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत होने से भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
आर्थिक अपराध जांच में आधुनिक तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराध इकाई और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की सहायता लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को ऐसी स्मार्ट कार्यप्रणाली विकसित करनी चाहिए जो राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसियों के लिए भी उपयोगी साबित हो।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति बननी चाहिए कि विशेष मामलों में केंद्रीय एजेंसियां भी बिहार की जांच इकाइयों के अनुभव और सहयोग का लाभ लेना चाहें।
इसे भी देखे- PM Modi के 12 साल पर JMM का हमला, BJP को बताया ‘भारतीय गबन पार्टी’
जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय के साथ विकास तभी संभव है जब सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
Bihar Anti Corruption Drive का मुख्य उद्देश्य गरीबों और जरूरतमंदों को न्याय दिलाना है। इसी दिशा में सरकार ‘सहयोग शिविर’ जैसे कार्यक्रम भी चला रही है, ताकि आम लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सके।
सरकार का मानना है कि पारदर्शी प्रशासन, मजबूत निगरानी तंत्र और तकनीक आधारित व्यवस्था से बिहार में सुशासन को नई मजबूती मिलेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को निर्णायक सफलता मिल सकेगी।
No Comment! Be the first one.