UPTET 2026 की परीक्षा 2 से 4 जुलाई तक होगी। 19.94 लाख अभ्यर्थी, 955 परीक्षा केंद्र, बायोमेट्रिक जांच, रेटिना स्कैन और हाईटेक सुरक्षा के बीच होगा आयोजन।
UPTET 2026 का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 गुरुवार से शुरू हो गई है। राज्य के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर 19.94 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इस बार UPTET 2026 को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षा 2 जुलाई से 4 जुलाई तक कुल पांच शिफ्टों में आयोजित की जाएगी।

हाईटेक सुरक्षा के बीच हो रही परीक्षा
इस बार UPTET 2026 में अभ्यर्थियों की एंट्री से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले एडमिट कार्ड का सत्यापन, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और रेटिना स्कैन अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा प्रश्नपत्रों को वन-टाइम डिजिटल लॉक और कलर-कोडेड बॉक्स में सुरक्षित रखा गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक की संभावना को खत्म किया जा सके।
19.94 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अनुसार इस वर्ष UPTET 2026 में कुल 19,94,661 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की है, जबकि अन्य राज्यों से भी लाखों उम्मीदवार परीक्षा देने पहुंचे हैं। इसके अलावा 1.85 लाख से अधिक सेवारत शिक्षक भी पात्रता परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
पांच शिफ्टों में होगा आयोजन
परीक्षा का आयोजन तीन दिनों में पांच शिफ्टों में किया जा रहा है।
- 2 जुलाई: दो शिफ्ट
- 3 जुलाई: दो शिफ्ट
- 4 जुलाई: एक शिफ्ट
पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से काफी पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
Background: क्यों महत्वपूर्ण है UPTET?
UPTET उत्तर प्रदेश में प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा है। इस परीक्षा में सफल होना सरकारी शिक्षक बनने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। हालांकि केवल UPTET पास कर लेने से सरकारी नौकरी नहीं मिलती, बल्कि इसके बाद संबंधित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना होता है।
Official Statement: पारदर्शिता पर विशेष जोर
राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी आधुनिक तकनीक से की जा रही है। जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों को परीक्षा के सफल संचालन के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नकल की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी जानकारी
परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड और वैध फोटो पहचान पत्र साथ लेकर जाना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं है।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले केंद्र पहुंचें, सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचने के लिए आयोग लगातार निगरानी भी कर रहा है।
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परीक्षा के बाद क्या होगा?
परीक्षा संपन्न होने के बाद उत्तर कुंजी जारी की जाएगी, जिस पर अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इसके बाद अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर परिणाम घोषित किया जाएगा। सफल अभ्यर्थी भविष्य में निकलने वाली शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में आवेदन करने के पात्र होंगे।
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