Koderma Road Accident में कोडरमा घाटी के नौवां माइल के पास 6 वाहन आपस में टकराए। रातभर जाम लगा रहा, गुरुवार सुबह यातायात सामान्य हुआ।
News Saga Desk
झारखंड के कोडरमा जिले में रांची–पटना मुख्य मार्ग पर बुधवार रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। Koderma Road Accident के तहत कोडरमा घाटी के नौवां माइल के समीप एक के बाद एक हुई दुर्घटनाओं में करीब छह वाहन आपस में टकरा गए। हादसे के बाद पूरी घाटी में अफरा-तफरी मच गई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
हालांकि, Koderma Road Accident के कारण रांची–पटना मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सैकड़ों यात्री रातभर जाम में फंसे रहे। पुलिस और प्रशासन की घंटों की मशक्कत के बाद गुरुवार सुबह यातायात को सामान्य किया जा सका।
ट्रक पलटने से शुरू हुई घटनाओं की श्रृंखला
पुलिस के अनुसार बुधवार रात बिहार से रेडीमेड कपड़े लेकर रांची जा रहा एक ट्रक नौवां माइल के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक के पलटते ही उसमें लदे कपड़ों के कार्टन सड़क पर बिखर गए और मार्ग आंशिक रूप से बाधित हो गया।
Koderma Road Accident की पहली घटना में ट्रक चालक सुनील साव को मामूली चोटें आईं। सूचना मिलते ही कोडरमा थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई धनेश्वर कुमार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से ट्रक को हटाने और सड़क पर बिखरे सामान को साफ करने का काम शुरू किया गया।
पुलिस की टीम देर रात तक राहत कार्य में जुटी रही ताकि यातायात जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
राहत कार्य के दौरान पलटी हाईवा
स्थिति सामान्य होने से पहले ही घटनास्थल पर एक और हादसा हो गया। कोडरमा के केटीपीएस से ऐश (डस्ट) लादकर बिहार जा रही एक हाईवा उसी स्थान पर अनियंत्रित होकर पलट गई।
हाईवा के पलटते ही उसमें भरी डस्ट सड़क पर फैल गई, जिससे सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। Koderma Road Accident ने यहीं से और गंभीर रूप ले लिया।
हाईवा के पीछे आ रहे कई वाहन अचानक ब्रेक लगाने के दौरान नियंत्रण खो बैठे और एक-दूसरे से टकरा गए। देखते ही देखते करीब छह वाहन दुर्घटना की चपेट में आ गए और लंबा जाम लग गया।
बारिश और फिसलन बनी हादसे की वजह
कोडरमा थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि बुधवार रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई थी। लगातार बारिश के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई थी।

इसके अलावा नौवां माइल का इलाका घाटी क्षेत्र में स्थित है, जहां घुमावदार मोड़, तीखा ढलान और चढ़ाई मौजूद है। ऐसे में बारिश के दौरान वाहन चालकों को वाहन नियंत्रित करने में कठिनाई होती है।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि Koderma Road Accident का प्रमुख कारण सड़क पर फिसलन और घाटी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति रही। खराब मौसम और दृश्यता में कमी ने भी हादसे की आशंका को बढ़ा दिया।
रातभर जाम में फंसे रहे यात्री
दुर्घटनाओं के बाद रांची–पटना मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सड़क के दोनों ओर ट्रक, बस, कार और अन्य वाहन घंटों तक फंसे रहे।
Koderma Road Accident के कारण सैकड़ों यात्रियों को रातभर सड़क पर ही समय बिताना पड़ा। कई यात्रियों ने भोजन और पेयजल की समस्या का भी सामना किया।
यात्रियों ने बताया कि जाम इतना लंबा था कि कई वाहन कई किलोमीटर तक कतार में खड़े रहे। कुछ लोगों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया।
कई वाहन चालकों ने बदला रास्ता
घटना की जानकारी मिलते ही कई वाहन चालकों ने रांची–पटना मुख्य मार्ग का उपयोग करने के बजाय दूसरे रास्तों का चयन किया। विशेष रूप से बिहार जाने वाले वाहनों को बरही–गया मार्ग की ओर मोड़ दिया गया।
प्रशासन ने भी यातायात दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी। इससे कुछ हद तक जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली।
Koderma Road Accident के कारण क्षेत्र में पूरी रात यातायात व्यवस्था प्रभावित रही, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के कारण सुबह तक स्थिति सामान्य होने लगी।
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सुबह बहाल हुआ यातायात
देर रात तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाया और सड़क पर फैले सामान तथा डस्ट को साफ कराया। इसके बाद धीरे-धीरे फंसे हुए वाहनों को निकाला गया।
गुरुवार सुबह तक यातायात पूरी तरह बहाल कर दिया गया। प्रशासन ने वाहन चालकों से बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने और घाटी क्षेत्र में नियंत्रित गति से वाहन चलाने की अपील की है।
Koderma Road Accident ने एक बार फिर यह दिखाया है कि बारिश के मौसम में घाटी और पहाड़ी मार्गों पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। समय रहते सतर्कता और सुरक्षित ड्राइविंग ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
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