बोकारो के डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित जागरण जीनियस अवार्ड 2026 में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। डीसी अजय नाथ झा ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ संस्कार, सेवा भावना और समाजहित में योगदान देने का संदेश दिया।
News Saga Desk
झारखंड | बोकारो सेक्टर-04 स्थित DAV Public School Bokaro के सभागार में आयोजित जागरण जीनियस अवार्ड 2026 कार्यक्रम में सीबीएसई, आईसीएसई और जैक बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बोकारो उपायुक्त Ajay Nath Jha ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सबसे बड़ा मार्गदर्शन अनुभव होता है। व्यक्ति जहां है और जहां पहुंचना चाहता है, उसके बीच की यात्रा में मिलने वाला अनुभव ही उसे मजबूत बनाता है।
उन्होंने दैनिक जागरण की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा और संभावनाओं को पहचानने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
10वीं और 12वीं का परिणाम केवल शुरुआत
उपायुक्त ने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा का परिणाम केवल जीवन की शुरुआत है। आने वाले समय में विद्यार्थियों को यह तय करना होगा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित रहेंगे या समाज और देश के लिए भी योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि व्यक्ति अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग समाजहित में करे।
ज्ञान के साथ संस्कार और सेवा भाव जरूरी
डीसी ने कहा कि भारत की मूल भावना “सर्वे भवन्तु सुखिनः” है। देश की शक्ति केवल ज्ञान में नहीं, बल्कि संस्कार और सेवा भावना में भी निहित है। उन्होंने कहा कि यदि विज्ञान संस्कारविहीन हो जाए तो उसका महत्व कम हो जाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में मानवीय मूल्यों, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाने की अपील की।
माता-पिता और शिक्षक सबसे बड़े मार्गदर्शक
उपायुक्त ने कहा कि जीवन में कठिन परिस्थितियां और चुनौतियां आती हैं, लेकिन माता-पिता और शिक्षकों का मार्गदर्शन व्यक्ति को सही दिशा देता है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक सुरक्षा कवच की तरह होते हैं, जो गलत रास्तों पर भटकने से बचाते हैं और सही निर्णय लेने की प्रेरणा देते हैं।
समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सम्मान जरूरी
उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के कमजोर और श्रमिक वर्ग के प्रति सम्मान का भाव रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने के बाद भी व्यक्ति को विनम्र बने रहना चाहिए और समाज के हर वर्ग का सम्मान करना चाहिए।
बेटियां राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण भागीदार
कार्यक्रम में छात्राओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि बेटियां समाज की बड़ी शक्ति हैं और आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने छात्राओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अपने सपनों और लक्ष्यों को प्राथमिकता देने तथा समाज परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बेटियां केवल विवाह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण भागीदार हैं। छात्राओं को पहले शिक्षा, करियर और अपने लक्ष्यों को हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वे देश और समाज के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।
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