News Saga Desk
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सदन की बैठक से पहले सोमवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षदों ने जोरदार प्रदर्शन किया। दोनों दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह से भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
एमसीडी सदन के बाहर कांग्रेस और आप कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा संचालन में पूरी तरह विफल रही है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। कई नेताओं ने NTA को भंग करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि NEET पेपर लीक से करीब 22 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। वहीं आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा और सदन परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। विपक्षी दलों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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