चीन की पनामा-अमेरिका को चेतावनी, ताइवान पर ‘सीमा’ न लांघें

चीन ने ताइवान मुद्दे पर पनामा और अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। बीजिंग ने ‘वन-चाइना’ सिद्धांत का पालन करने और आधिकारिक संपर्क से बचने को कहा है।

News Saga Desk

बीजिंग। ताइवान मुद्दे को लेकर चीन ने पनामा और अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। बीजिंग ने ताइवान के अधिकारियों और चीन के साथ राजनयिक संबंध रखने वाले देशों के बीच किसी भी तरह के आधिकारिक संपर्क का विरोध करते हुए कहा कि वह अपने आंतरिक मामलों में किसी भी बाहरी ताकत का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा। चीन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब पनामा के कुछ सांसदों द्वारा ताइवान के साथ संसदीय आदान-प्रदान समूह बनाए जाने की खबर सामने आई है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग में इस मुद्दे पर बीजिंग का रुख स्पष्ट किया। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, प्रवक्ता से उस मीडिया रिपोर्ट के बारे में सवाल पूछा गया था, जिसमें पनामा के सांसदों द्वारा तथाकथित “पनामा-ताइवान संसदीय आदान-प्रदान समूह” बनाए जाने की जानकारी दी गई थी।

पनामा के सांसदों के कदम पर चीन नाराज

रिपोर्ट के मुताबिक, पनामा के कुछ सांसदों ने हाल ही में ताइवान के साथ संसदीय संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से एक समूह का गठन किया। इसके लॉन्च कार्यक्रम में अमेरिकी सांसदों ने वीडियो लिंक के जरिए हिस्सा लिया। इस घटनाक्रम ने बीजिंग की चिंता बढ़ा दी और चीन ने इसे अपनी घोषित ‘वन-चाइना’ नीति के खिलाफ कदम बताया।

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि दुनिया में केवल एक चीन है और ताइवान चीन के क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा है। बीजिंग का कहना है कि किसी भी देश या संस्था को ताइवान के साथ ऐसे आधिकारिक संबंध नहीं बनाने चाहिए, जिन्हें वह चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देने वाला मानता है।

पनामा के राष्ट्रपति ने दी सफाई

विवाद के बीच पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने स्पष्ट किया कि देश की विदेश नीति और विदेश संबंधों से जुड़े फैसले कार्यपालिका यानी सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने कहा कि सांसदों का ताइवान के साथ संपर्क होना जरूरी नहीं है कि इसे पनामा सरकार का आधिकारिक समर्थन माना जाए।

चीन

राष्ट्रपति के इस बयान पर चीन ने भी ध्यान दिया है। गुओ जियाकुन ने कहा कि बीजिंग पनामा सरकार की स्थिति से अवगत है और उम्मीद करता है कि पनामा चीन-पनामा संबंधों के राजनीतिक आधार को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

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‘सीमा पार करने’ पर गंभीर परिणाम की चेतावनी

ताइवान मुद्दे पर चीन ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कुछ राजनेताओं को चेतावनी भी दी। गुओ जियाकुन ने कहा कि संबंधित पक्षों को ताइवान मुद्दे की वास्तविकता को समझना चाहिए और इस मामले में “सीमा पार” करने से बचना चाहिए।

चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ताइवान से संबंधित मुद्दा चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा है। इसलिए बीजिंग इस मामले में दूसरे देशों के आधिकारिक संपर्क को अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के तौर पर देखता है।

चीन ने पनामा के सामने यह उम्मीद भी रखी कि वह ‘वन-चाइना’ सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करेगा। बीजिंग के अनुसार, चीन-पनामा संबंधों का राजनीतिक आधार इसी सिद्धांत पर टिका है।

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