कॉकरोच जनता पार्टी CJI की टिप्पणी से शुरू हुआ व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन हुआ वायरल

भारत में इन दिनों सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” यानी CJP नाम का एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन राजनीतिक आंदोलन तेजी से चर्चा में है। यानि जो कॉकरोच कल तक किचन में रेंग रहा था वो आज ट्रेंड कर रहा है और ये इस साल का सबसे ज्यादा ट्रेंड करने वाला टॉपिक है। पहले इसे एक मीम के तौर पर देखा गया और देखते ही देखते ये GEN Z की आवाज़ बन गयी जो खुद को कॉकरोच से जोड़ रहे। यह अभियान तब शुरू हुआ , जब भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की एक मौखिक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने फर्जी डिग्री और जाली दस्तावेजों के जरिए प्रतिष्ठित पेशों में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए “कॉकरोच” और “पैरासाइट” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। हालांकि, सोशल मीडिया के एक बड़े वर्ग ने इसे बेरोजगार युवाओं, आरटीआई कार्यकर्ताओं और डिजिटल आलोचकों पर टिप्पणी के रूप में देखना शुरू कर दिया। उनका ये बयान GEN Z और और बेरोजगार युवाओं को ट्रिगर कर गया। इसके बाद डिजिटल एक्टिविस्ट Abhijeet Dipke ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर CJP यानि Cockroach Janta Party” की शुरुआत की। साथ ही एक आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गई। खुद को “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” बताने वाला यह अभियान देखते ही देखते मीम से एक बड़े डिजिटल आंदोलन में बदल गया। जिस कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल कर मुख्य न्यायधीश ने बयान दिया उसी कॉकरोच को अभिजीत ने अपनी पार्टी का लोगो भी बना दिया और उसी कॉकरोच के नाम से पार्टी बनायी और लॉन्च के 48 घंटे के भीतर ही इस अभियान से 25 हजार से अधिक डिजिटल सदस्य जुड़ गए। अब इसके मिलियन्स में फॉलोवर्स हो चुके है। यह व्यंग्यात्मक अभियान तब और चर्चा में आ गया जब कई विपक्षी नेताओं ने मजाकिया अंदाज में इसमें शामिल होने की इच्छा जताई। Mahua Moitra ने खुद को “एंटी-नेशनल पार्टी” की सदस्य बनाने की बात कही। पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद Kirti Azad ने पूछा कि पार्टी में शामिल होने की योग्यता क्या है। जवाब में CJP अकाउंट ने कहा कि “1983 वर्ल्ड कप जीतना ही काफी है।”

हालांकि यह आंदोलन व्यंग्य के तौर पर शुरू हुआ, लेकिन बाद में इसके जरिए एक कथित “संविधान” और 5 सूत्रीय एजेंडा भी जारी किया गया।

  1. रिटायरमेंट के बाद किसी भी मुख्य न्यायाधीश को राज्यसभा सीट न देने की मांग। पेश की गयी है।
  2. किसी वैध मतदाता का नाम हटाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई। की मांग है।
  3. संसद और केंद्रीय मंत्रिमंडल में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण।
  4. बड़े उद्योगपतियों के स्वामित्व वाले मीडिया संस्थानों के प्रसारण लाइसेंस रद्द करने की मांग।
  5. दल बदलने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध। जैसी मांगे इसमें शामिल है।

पार्टी की मांगे और इसके मैनिफेस्टो को जमकर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी केवल फर्जी डिग्री और जाली दस्तावेजों के जरिए न्यायपालिका और मीडिया जैसे क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए थी, न कि देश के बेरोजगार युवाओं के लिए। सोशल मीडिया पर यह मामला अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है और “कॉकरोच जनता पार्टी” इंटरनेट पर राजनीतिक व्यंग्य और डिजिटल विरोध का नया प्रतीक बनकर उभरी है। हालांकि कई लोग ये भी बोल रहे की इसे दूसरी राजनितिक पार्टियां फंडिंग दे रही है। बहरहाल सच क्या है और GenZ का ये आंदोलन देश में कौन सी क्रांति लाएगा ये आने वाला समय बताएगा। 

एक्स ने गुरुवार को बताया है कि उसने भारत में स्थानीय नियमों, कोर्ट के आदेश या कानूनी शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है।

फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर CJP के अकाउंट बैन करने की जानकारी दी। CJP के सोशल मीडिया पर 6 दिन में लाखों फॉलोअर हो गए हैं।

गुरुवार दोपहर 12:55 बजे तक यह आंकड़ा इंस्टाग्राम पर 1.26 करोड़ तक पहुंच गया। इंस्टाग्राम पर भाजपा के 87 लाख और कांग्रेस के 1.33 करोड़ फॉलोअर्स हैं।

वहीं, X पर 12 बजे तक पार्टी के करीब 1 लाख 93 हजार फॉलोअर्स थे, लेकिन अब एक्स ने पार्टी के अकाउंट को भारत में बैन कर दिया है। पार्टी का फेसबुक पर अकाउंट नहीं है।

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