News Saga Desk
झारखंड में लगातार बढ़ते तापमान, भीषण गर्मी एवं लू (Heat Wave) की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की समस्त जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियाँ केवल सामान्य गर्मी नहीं, बल्कि एक संभावित स्वास्थ्य आपदा का रूप ले सकती हैं। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ सावधानियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा आपकी एक छोटी सावधानी आपके और आपके अपनों का जीवन बचा सकती है। यह केवल सरकारी अपील नहीं, बल्कि मानवीय एवं सामाजिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन जनता की जागरूकता और सहयोग सबसे बड़ी ताकत है।”
मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, सदर अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी सिविल सर्जनों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि Heat Stroke, Dehydration, Sun Burn, Electrolyte Imbalance एवं लू से संबंधित सभी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त रखी जाएँ।
डॉ. इरफान अंसारी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि
- अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप एवं लू के सीधे संपर्क से बचें।
- अधिक मात्रा में पानी, ORS, नींबू पानी, छाछ एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें।
- धूप में निकलते समय सिर को गमछा, टोपी, कपड़े या छाते से अवश्य ढकें।
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें तथा हल्का एवं पौष्टिक भोजन करें।
- बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि वे Heat Stress के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
- चक्कर आना, अत्यधिक पसीना, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
- पशु-पक्षियों के लिए भी घरों एवं सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था अवश्य करें।
- ग्रामीण परंपरा के अनुसार बाहर निकलते समय जेब में प्याज रखने जैसी सावधानियों का भी लोग पालन कर सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि
- स्वास्थ्य विभाग सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में Heat Wave Response System को सक्रिय रखे।
- पेयजल विभाग शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करे।
- बिजली विभाग लगातार विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू करे।
- आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला प्रशासन व्यापक Heat Wave Awareness Campaign चलाकर लोगों को जागरूक करें।
- नगर निकाय बस स्टैंड, बाजार, चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल एवं अस्थायी राहत केंद्र स्थापित करें।
- विद्यालयों एवं सरकारी संस्थानों में मौसम के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए जाएँ।
- फील्ड में कार्यरत कर्मियों एवं मजदूरों के कार्य समय में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए लचीलापन रखा जाए।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ORS, आवश्यक दवाइयाँ, IV Fluids, आपातकालीन बेड, कूलिंग सुविधा एवं चिकित्सकीय टीमों को अलर्ट मोड में रखा गया है ताकि किसी भी मरीज को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
No Comment! Be the first one.