News Saga Desk
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रायबरेली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और विदेश दौरों को लेकर सवाल उठाते हुए विवादित टिप्पणी की, जिस पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लोगों से सोना नहीं खरीदने और पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी ओर खुद महंगी विदेश यात्राएं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आर्थिक व्यवस्था कमजोर हो रही है और आने वाले समय में बड़ा आर्थिक संकट देखने को मिल सकता है।
देश का आर्थिक सिस्टम बेच दिया : राहुल गांधी
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक व्यवस्था बड़े उद्योगपतियों और विदेशी ताकतों के हाथों में सौंप दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले दो-तीन महीनों में जनता को इसका असर दिखाई देगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने संविधान की भावना को कमजोर किया है। अपने बयान के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
बीजेपी का पलटवार
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी की भाषा देशविरोधी ताकतों जैसी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता लगातार ऐसे बयान देते हैं जो देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
वहीं बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने राहुल गांधी को “आदतन विवादित बयान देने वाला नेता” बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी भाषा पर नियंत्रण खो चुके हैं और उनके बयान का राजनीतिक नुकसान कांग्रेस पार्टी को उठाना पड़ेगा।
इधर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी राहुल गांधी के शब्दों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की सुरक्षा, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और तिरंगे की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाना किसी भी तरह से “गद्दारी” नहीं कहा जा सकता।
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