कटिहार जंक्शन पर नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस से चार रोहिंग्या नागरिक पकड़े गए। जांच में पासपोर्ट-वीजा नहीं मिला, एक युवक जेल भेजा गया, तीन नाबालिग CWC को सौंपे गए।
News Saga Desk
बिहार के कटिहार जंक्शन पर कामाख्या-जम्मू रूट से जुड़ा एक मामला सामने आया है। आरपीएफ ईस्ट पोस्ट की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे चार संदिग्ध रोहिंग्या नागरिकों को पकड़ा। इनमें एक 24 वर्षीय युवक मोहम्मद नूर और तीन नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। जांच के दौरान इनके पास भारत में प्रवेश या यात्रा से संबंधित कोई वैध पासपोर्ट, वीजा अथवा अन्य दस्तावेज नहीं मिला।
रेलवे न्यायालय में पेशी के बाद रेलवे मजिस्ट्रेट गौरव के आदेश पर युवक को जेल भेज दिया गया। वहीं तीन नाबालिग लड़कियों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति यानी सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में सौंप दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे मामले की जांच करते हुए यह पता लगाने में जुटी हैं कि चारों भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुए थे।
कटिहार जंक्शन पर ऐसे हुई कार्रवाई
रेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आरपीएफ को चार संदिग्ध यात्रियों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर आरपीएफ ईस्ट पोस्ट की टीम ने नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस में जांच अभियान चलाया। इसी दौरान चारों को ट्रेन से नीचे उतारा गया और पूछताछ शुरू की गई।

जांच के दौरान उनके पास भारत में वैध रूप से प्रवेश करने या देश के भीतर यात्रा करने से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। सुरक्षा टीम ने उनके सामान और पास मौजूद वस्तुओं की भी तलाशी ली। इस कार्रवाई के बाद चारों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए रेल पुलिस के हवाले किया गया।
पासपोर्ट-वीजा नहीं मिला
तलाशी के दौरान चारों संदिग्धों के पास से एक मोबाइल फोन, 220 रुपये भारतीय मुद्रा और 1,090 टका बांग्लादेशी मुद्रा बरामद होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उनके पास ऐसा कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला, जिससे भारत में उनके प्रवेश और यात्रा की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सके।
कामाख्या-जम्मू रूट पर हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब इस यात्रा के पूरे क्रम पर है। खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि असम के कामाख्या तक ये लोग किस माध्यम से पहुंचे और वहां से जम्मू जाने के पीछे क्या उद्देश्य था।
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पूछताछ में म्यांमार से होने का दावा
प्रारंभिक पूछताछ में चारों ने खुद को म्यांमार का मूल निवासी बताया है। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने बताया कि वे असम के कामाख्या स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे और जम्मू जा रहे थे।
इस जानकारी ने जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि ये लोग म्यांमार से भारत तक कैसे पहुंचे। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भारत में प्रवेश के बाद उन्हें किन-किन स्थानों पर ठहराया गया और यात्रा के दौरान किस व्यक्ति या नेटवर्क ने उनकी मदद की।
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