2.20 करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल ने किया सरेंडर, तीन राज्यों में था नेटवर्क

जंगलों में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे सुरक्षा अभियान के बीच सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी से जुड़े और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश ने पश्चिम बंगाल में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है

NEWS SAGA DESK :

जंगलों में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चल रहे सुरक्षा अभियान के बीच सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी से जुड़े और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश ने पश्चिम बंगाल में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी उसके सरेंडर की पुष्टि की है।

असीम मंडल लंबे समय से झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सक्रिय बताया जाता रहा है। उस पर तीनों राज्यों में करीब 55 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। झारखंड सरकार ने उस पर 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, असीम मंडल का प्रभाव खास तौर पर कोल्हान और सारंडा के जंगलों में रहा है। उसके दस्ते से जुड़े कई सदस्यों के हाल के दिनों में आत्मसमर्पण करने के बाद संगठन पर दबाव बढ़ने की बात भी सामने आई थी। इसी बीच उसके सरेंडर को माओवादी नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में असीम मंडल के कई नाम दर्ज हैं। उसे आकाश, तिमिर, मनोज, दीपक और राकेश के नाम से भी जाना जाता था। उसका संबंध पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक गांव से बताया गया है।

असीम मंडल पर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ और हमलों समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। 1 मार्च 2026 को चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के मारंगपोंगा में हुई मुठभेड़ भी उसके खिलाफ दर्ज मामलों में शामिल बताई गई है। इस घटना में 209 कोबरा के एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।

इसके अलावा 12 अप्रैल 2025 को जराइकेला के राधापोरा में हुई मुठभेड़ में झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था। वहीं, 11 जनवरी 2023 को टोंटो के तुंबाहाका जंगल में आईईडी विस्फोट और मुठभेड़ के दौरान 209 कोबरा के नौ जवान घायल हुए थे।

पुराने मामलों में 31 मई 2020 को कराइकेला के जोनवा में सुरक्षा बलों पर हुआ हमला और 11 जुलाई 2018 को पूर्वी सिंहभूम के एमजीएम थाना क्षेत्र की झाटी पहाड़ी में हुई मुठभेड़ भी शामिल बताई जाती है। इन घटनाओं में सुरक्षाकर्मियों की मौत और घायल होने के मामले सामने आए थे।

असीम मंडल के आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे सारंडा और आसपास के जंगलों में मौजूद माओवादी ठिकानों, हथियारों, विस्फोटक सामग्री और संगठन के नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

इसके अलावा सक्रिय सदस्यों, संगठन की गतिविधियों और जंगलों में बनाए गए संभावित सुरक्षित ठिकानों को लेकर भी पूछताछ किए जाने की संभावना है। ऐसे में असीम मंडल का आत्मसमर्पण कोल्हान क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के लिहाज से एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

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