साल 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाजों का वनडे में कैसा प्रदर्शन रहा? जानें किस युवा गेंदबाज ने मारी बाजी और बुमराह-अर्शदीप की क्या रही स्थिति।
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए साल 2026 वनडे क्रिकेट के लिहाज से काफी रोमांचक और बदलावों से भरा रहा है। इस साल टीम इंडिया ने कई सीनियर खिलाड़ियों के साथ-साथ कई युवा और प्रतिभाशाली तेज गेंदबाजों को आजमाया, जिन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है। साल के इस दौर में जहां एक तरफ अनुभवी गेंदबाजों को चोटों और कम मैचों का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ नए चेहरों ने टीम में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 2026 में वनडे क्रिकेट में भारत के लिए किन गेंदबाजों का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है।
गुरनूर बराड़ बने नंबर-1 गेंदबाज
साल 2026 में भारतीय टीम को गुरनूर बराड़ के रूप में एक लंबा कद रखने वाला और घातक तेज गेंदबाज मिला है। गुरनूर ने अपनी गेंदबाजी की रफ्तार और बाउंस से बल्लेबाजों को खासा परेशान किया है। अपने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने इस साल भारत के लिए वनडे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज का ताज अपने नाम किया है। उनकी यह सफलता भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से बहुत सकारात्मक संकेत है, क्योंकि टीम को एक ऐसा पेसर मिल गया है जो बीच के ओवरों में भी विकेट निकाल सकता है।
प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह का शानदार प्रदर्शन
इस विकेट लेने की सूची में दूसरे पायदान पर प्रसिद्ध कृष्णा का नाम आता है। प्रसिद्ध ने इस साल अपनी गेंदबाजी से खासा प्रभावित किया है, हालांकि वर्तमान में वह चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज से बाहर चल रहे हैं। यदि वह फिट रहते तो शायद आंकड़ों की तस्वीर कुछ और ही होती।
वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में अपनी धारदार गेंदबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए 4 विकेट झटकने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह इस सूची में तीसरे स्थान पर काबिज हैं। अर्शदीप की डेथ ओवरों में गेंदबाजी और शुरुआती स्पेल में स्विंग कराने की कला टीम इंडिया के लिए बेहद अहम साबित हुई है।
जसप्रीत बुमराह और हर्षित राणा की स्थिति
टीम इंडिया के मुख्य स्ट्राइक बॉलर और अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की बात करें, तो इस साल उन्होंने वर्कलोड और अन्य कारणों के चलते अब तक केवल 2 ही वनडे मैच खेले हैं। मैचों की संख्या कम होने के कारण वह टॉप-10 की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं और फिलहाल 11वें स्थान पर हैं।
दूसरी ओर, हर्षित राणा ने भी इस साल चोट के चलते कम ही मुकाबले खेले हैं। इसके बावजूद उन्होंने अब तक खेले गए 3 मैचों में 6 विकेट चटकाए हैं और पांचवें नंबर पर अपनी जगह बनाई है। यह उनका जुझारू प्रदर्शन दिखाता है कि कम मौके मिलने पर भी वह अपनी उपयोगिता साबित करने में पीछे नहीं रहते हैं।
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