झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले की आखिरी रात राजनीतिक गतिविधियों और रणनीतियों के नाम रही। जहां कुछ दल और उम्मीदवार अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए, वहीं कई नेताओं और खेमों में अनिश्चितता और बेचैनी का माहौल बना रहा। सियासी गणित, जोड़-तोड़ और वोटों की रणनीति के बीच राज्यसभा चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में रोमांच बढ़ा दिया है।
मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास में इंडिया गठबंधन की अहम बैठक हुई, जिसमें 54 विधायक शामिल हुए. हालांकि स्पीकर रबिंद्रनाथ महतो और माले विधायक अरूप चटर्जी बैठक में नहीं पहुंचे, लेकिन दोनों ने गठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में मतदान का भरोसा दिया. बैठक के दौरान हुए मॉक पोल में बैद्यनाथ राम को 29 और प्रणव झा को 27 वोट मिले. इस नतीजे ने चुनावी चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
बुधवार शाम मुख्यमंत्री आवास में एक और बैठक कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा. कांग्रेस विधायकों को एकजुट रखने के लिए प्रदेश प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी सिरी बेला प्रसाद, सांसद नासिर हुसैन और पर्यवेक्षक अजय शर्मा रांची में कैंप कर रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी रांची पहुंचने की संभावना है.
राज्यसभा चुनाव में पोलिंग और काउंटिंग एजेंटों की भी घोषणा कर दी गई है. कांग्रेस, जेएमएम, राजद और भाजपा ने अपने-अपने एजेंट तय कर लिए हैं. चुनावी जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग, अमान्य मतदान या अनुपस्थिति जैसे फैक्टर आखिरी समय में समीकरण बदल सकते हैं.
इन सबके बीच सबसे ज्यादा सुकून झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम के खेमे में दिखाई दे रहा है. विधानसभा का मौजूदा गणित उनके पक्ष में माना जा रहा है. वहीं दूसरी सीट के लिए राजनीतिक जोड़-तोड़, रणनीति और सतर्कता का दौर जारी है.
अब सबकी नजर गुरुवार को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर है. तब पता चलेगा कि यह रात किसके आंगन में चांदनी लेकर आई और किसके हिस्से अंधेरा छोड़ गई.
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