NEWS SAGA DESK
दंतेवाड़ा:- मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुर्गम पहाड़ी और जंगलों से होकर 13 किलोमीटर का कठिन रास्ता पैदल तय कर बड़ेपल्ली गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। कभी नक्सल प्रभाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सरकारी सेवाओं से दूर माने जाने वाले इस गांव में पहुंचकर टीम ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
शिविर के दौरान कुल 227 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान मलेरिया, सिकल सेल, हीमोग्लोबिन, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की जांच की गई। जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही उपचार उपलब्ध कराया गया तथा निशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
स्वास्थ्य जांच के दौरान महिलाओं और बच्चों की विशेष रूप से जांच की गई। शिविर में एक हाई रिस्क गर्भवती महिला की पहचान होने पर उसे बेहतर उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित 12 मरीजों को आगे के इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना, पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित मातृत्व के प्रति भी जागरूक किया। अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पहले ऐसे गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहद कठिन मानी जाती थी, लेकिन अब नियमित स्वास्थ्य शिविरों और प्रशासन की सक्रियता से लोगों का भरोसा बढ़ा है और उन्हें गांव के नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगी हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ बस्तर क्षेत्र तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को उनके गांवों के निकट ही उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों को कभी भय और पिछड़ेपन की पहचान माना जाता था, वहां अब विकास और जनसेवा की नई तस्वीर उभर रही है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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