NEWS SAGA DESK
मीरजापुर:- विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था एक बार फिर दानपात्रों में दिखाई दी। नवरात्र मेले के लगभग दो माह बाद खोले गए मंदिर के दानपात्रों से दो दिनों में कुल 37 लाख 45 हजार 827 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। मंगलवार को दूसरे दिन 22 दानपात्रों की गिनती में 15 लाख 27 हजार 632 रुपये मिले।
मंगलवार को नायब तहसीलदार गरिमा यादव की देखरेख में मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों को खोला गया। दानपात्रों से निकली नकदी की गणना मंदिर की छत पर स्थित श्री विंध्य पंडा समाज कार्यालय में पुलिस सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई गई।
अधिकारियों के अनुसार, 22 दानपात्रों से प्राप्त नोटों और सिक्कों की गिनती देर रात तक जारी रही। गणना पूरी होने के बाद पूरी राशि भारतीय स्टेट बैंक की विंध्याचल शाखा में विंध्य विकास परिषद के पदेन अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी के खाते में जमा करा दी गई।
इससे पहले सोमवार को तीन दानपात्रों की गिनती में 22 लाख 18 हजार 195 रुपये प्राप्त हुए थे। दोनों दिनों की गणना को मिलाकर कुल 25 दानपात्रों से 37 लाख 45 हजार 827 रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ।
गणना कार्य के दौरान विंध्य विकास परिषद के लिपिक ईश्वर दत्त त्रिपाठी, संग्रह अमीन सूरज सोनकर, विजय शंकर दुबे, हरेंद्र दुबे और राकेश सोनकर सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
मां विंध्यवासिनी धाम में वर्षभर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। दानपात्रों में प्राप्त यह बड़ी राशि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और मंदिर के प्रति उनके गहरे विश्वास को दर्शाती है।
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