News Saga Desk
सुप्रियो भट्टाचार्य बोले- परीक्षा प्रणाली की खामियों से छात्रों का भविष्य खतरे में, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी।
रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने देश की वर्तमान परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां, प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) जैसे नए प्रयोग छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता की कमी के कारण लाखों विद्यार्थी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन परिस्थितियों ने कई प्रतिभाशाली छात्रों को गंभीर मानसिक दबाव में डाल दिया है, जिससे दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं।
झामुमो ने लगभग 27 लाख विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाली इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि लगातार हो रही अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को लेनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में यूजीसी द्वारा पीएचडी रिसर्च गाइडलाइंस में किए गए हालिया बदलावों और शिक्षा क्षेत्र के बजट में कटौती को लेकर भी चिंता जताई गई। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि उच्च शिक्षा और शोध को मजबूत करने के बजाय नीतिगत फैसलों से शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
इसके अलावा उन्होंने राज्यसभा नामांकन प्रकरण और स्थानीय ट्रेजरी घोटाले की जांच का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में एसीबी और सीआईडी की जांच जारी है तथा जांच के निष्कर्ष जल्द ही महालेखाकार के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
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