News Saga Desk
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर मतदाता सूची की मैपिंग प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्य 15 जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग सही तरीके से हो जाएगी, उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है या गलत तरीके से हुई है, उन्हें नोटिस, दावा-आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कम प्रगति वाले क्षेत्रों के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से सीधे संवाद कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बीएलओ के क्षमता संवर्धन और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने को भी कहा।
इसके अलावा उन्होंने 15 जून तक फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण कर पेंडेंसी शून्य करने का निर्देश दिया।
के. रवि कुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और सभी योग्य मतदाताओं को उनके मतदान अधिकार का लाभ मिल सके।
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