राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में झुग्गियों पर राजनीति
देश की राजधानी दिल्ली में झुग्गियों को लेकर सियासत नई नहीं है। पिछले रविवार को केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी ने झुग्गियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान केजरीवाल ने केंद्र और दिल्ली सरकार को पानी पी-पीकर कोसा। गारंटी पर सवाल उठाए।
इंदौर का स्वच्छता मॉडल जीवनशैली में बदलाव का अभियान
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में लगातार आठवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब अपने नाम किया है। इंदौर ने 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की सुपर स्वच्छ लीग सिटीज कैटेगरी में ओवरऑल पहला स्थान हासिल किया है।
पाकिस्तान में तख्ता पलटा तो…!
पाकिस्तान में सत्ता पलट की सुगबुगाहट होने लगी है। हमारा दूसरा पड़ोसी बांग्लादेश भी शांत नहीं है। यूं तो इन दोनों देशों में इस तरह की हलचल का जुलाई में होने वाली ऐतिहासिक घटनाओं से कोई नाता नहीं है, फिर भी कुछ को याद करना चाहिए।
अंतरिक्ष में भारत के आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा
मानव इतिहास की परिधि पर जब भी कोई नया चक्र उभरता है, तो उसमें विज्ञान, कल्पना और आत्मबल की त्रयी सबसे महत्वपूर्ण होती है। भारत की अंतरिक्ष यात्रा, जो एक समय टिन के डब्बों में साइकिलों पर रॉकेट लेकर चलने से शुरू हुई थी, आज न केवल चंद्रमा और मंगल की मिट्टी तक पहुंच चुकी है, बल्कि मानव संसाधन के नए क्षितिज भी गढ़ रही है।
शिक्षा में भारतीय ज्ञान का समावेश:क्यों और कैसे?
सुनने में यह कुछ अटपटी सी बात लगती है कि भारतीय शिक्षा को अब ‘भारतीय’ ज्ञान-परम्परा के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए पहल की जा रही है। इसे लेकर आम आदमी के मन में कई सवाल खड़े होते हैं। भारतीय होने का क्या अर्थ है ? जो ज्ञान-परम्परा स्वतंत्र भारत में चलती रही है वह किस अर्थ में भारतीय नहीं थी या कम भारतीय थी ?
उत्तराखंड ही नहीं, देशभर में चलना चाहिए ‘ऑपरेशन कालनेमि’
सनातन हिन्दू धर्म और संस्कृति पर कई तरह से प्रहार किए जा रहे है, इसके उदाहरण भी आए दिन सामने आते हैं, किंतु जिस तरह से लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद जैसे किसी भी नकारात्मक जिहाद के विरोध में उत्तराखंड सरकार द्वारा एक्शन लेने के बाद ‘ऑपरेशन ‘कालनेमि’ शुरू किया गया है।
जीवन को सार्थक बनाते हैं गुरु
गुरु बिन ज्ञान न उपजै गुरु बिन मिलै न मोक्ष, गुरु बिन लखै न सत्य को गुरु बिन मिटै न दोष। अर्थात गुरु के बिना ज्ञान नहीं आता और न ही मोक्ष मिल सकता है। गुरु के बिना सत्य की प्राप्ति नहीं होती और ना ही दोष मिट पाते हैं। यानी जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को संवारने के लिए गुरु का होना बहुत ही आवश्यक है।
अपनी पहचान जाहिर करने में कैसी शर्म !
भगवान शंकर के प्रिय माह सावन की शुरुआत 11 जुलाई से है। सावन की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा। कांवड़ यात्रा में शिवभक्त नंगे पांव हाथ में कांवड़ लेकर लंबी दूरी तय करके शिवलिंग या ज्योतिर्लिंग में जाते हैं और पवित्र नदियों के जल से उनका अभिषेक करते हैं।
बदलने लगे पाकिस्तान के सुर, उठने लगी हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत को सौंपने की मांग
आतंकवाद को संरक्षण देने में जिस देश का दुनिया भर में नाम बदनाम हो, यदि वह भारत के गुनहगार आतंकियों को भारत को सौंपना स्वीकार कर ले और इस तरह की मांग जनता एवं राजनेताओं के बीच से आने लगे तो समझ लिया जाए कि पाकिस्तान की हालत लगातार बद से बदतर होती जा रही है।
रील की चकाचौंध में खो रही असली जिंदगी, दिखावे की होड़ में थकता समाज
आज का समाज एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ है जहां एक तरफ तकनीकी प्रगति ने जीवन को सहज और तेज बना दिया है, वहीं दूसरी ओर यही तकनीक धीरे-धीरे सामाजिक ताने-बाने को चुपचाप खोखला कर रही है।