फेस्टिव सीजन में दिखना है स्टाइलिश? कम बजट में अपनाएं ये Fashion Tips
त्योहारों का मौसम शुरू होते ही घर के साथ-साथ वॉर्डरोब को भी नया लुक देने का मन करता है। हर कोई चाहता है कि फेस्टिव मौके पर उसका आउटफिट सबसे अलग और खूबसूरत नजर आए।
प्याज के छिलके फेंकने से पहले जान लें ये फायदे, बालों के लिए ऐसे करें इस्तेमाल
खाना बनाते समय प्याज के छिलके आमतौर पर कूड़ेदान में चले जाते हैं। लेकिन इन्हें तुरंत फेंकने के बजाय इनके संभावित इस्तेमाल के बारे में जानना दिलचस्प हो सकता है
श्रीलंका पर 124 रन की जीत से भारत ने बनाया टी20 रिकॉर्ड
भारत ने एशियाई खेलों के टी20 सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। ईशान किशन ने नाबाद 80 रन बनाए।
महंगे लिप बाम को कहें बाय-बाय! रसोई की 2 चीजों से बनाएं होममेड लिप बाम
रूखे और फटे होंठों से परेशान हैं? चुकंदर और नारियल तेल या देसी घी से घर पर बनाएं होममेड लिप बाम। जानें इसे बनाने का आसान तरीका और इस्तेमाल की सावधानियां।
एक ही तेल को बार-बार गर्म करके खा रहे हैं? आज ही बदलें ये आदत, वरना हो सकता नुकसान
क्या आप पकौड़े या पूड़ी तलने के बाद बचे हुए तेल से दोबारा सब्जी बनाते हैं? बार-बार तेल गर्म करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। तेल का रंग बहुत गहरा होना, जल्दी धुआं निकलना, झाग बनना या जली हुई गंध आना ऐसे संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
पितृपक्ष 2026: आज से शुरू हुआ पूर्वजों को याद करने का पर्व, गया जी में पिंडदान का विशेष महत्व
पितृपक्ष की शुरुआत, श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का महत्व जानें। गया जी, फल्गु नदी और माता सीता से जुड़ी पौराणिक कथा पढ़ें।
अब साबुन-शैंपू में भी दिखेगा Veg या Non-Veg! सरकार ने बदला नियम
अब साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, क्रीम और दूसरे पैकेज्ड कॉस्मेटिक्स खरीदते समय Veg या Non-Veg पहचानना आसान होगा। केंद्र सरकार के नए लेबलिंग नियम के तहत संबंधित उत्पादों की पैकेजिंग पर निर्धारित रंग का डॉट लगाया जाएगा। हरा डॉट शाकाहारी मूल और लाल/भूरा डॉट मांसाहारी मूल की पहचान में मदद करेगा। नया नियम 21 सितंबर 2026 से प्रभावी है। NEWS SAGA DESK: अब तक जब हम खाने-पीने की चीजें खरीदते थे, तो पैकेट पर बने हरे या दूसरे निशान से आसानी से पता चल जाता था कि सामान शाकाहारी है या मांसाहारी। लेकिन साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, क्रीम और लोशन जैसी चीजों में यह पता लगाना आसान नहीं था।इन प्रोडक्ट्स के पैकेट पर दी गई इंग्रीडिएंट लिस्ट में कई ऐसे नाम होते हैं, जिन्हें समझना आम लोगों के लिए मुश्किल होता है। इसलिए यह पता नहीं चल पाता था कि इनमें इस्तेमाल की गई सामग्री पौधों से बनी है या किसी जानवर से। खासकर शाकाहारी लोगों के लिए यह परेशानी ज्यादा होती थी। अब सरकार ने इस समस्या को देखते हुए कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरी प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग के नियमों में बदलाव किया है। 21 सितंबर से लागू हुआ नया नियम केंद्र सरकार ने Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 में संशोधन किया है। नया प्रावधान 21 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। इसके तहत संबंधित पैकेज्ड उत्पादों पर इस्तेमाल की गई सामग्री के शाकाहारी या मांसाहारी मूल की पहचान के लिए निर्धारित संकेत देना जरूरी होगा। शाकाहारी मूल वाले उत्पादों के लिए पैकेजिंग पर हरे रंग का डॉट लगाया जाएगा। वहीं, मांसाहारी मूल वाले उत्पादों की पहचान के लिए लाल या भूरे रंग का डॉट निर्धारित किया गया है। पैकेट पर कहां मिलेगा ये निशान? नए नियम के तहत यह निर्धारित संकेत पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल के ऊपरी हिस्से में दिखाई देना चाहिए। इसका मकसद यह है कि ग्राहक को पैकेट देखते ही यह जानकारी आसानी से नजर आ जाए। पहले कई पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स में सामग्री की जानकारी मुख्य रूप से इंग्रीडिएंट लिस्ट में ही होती थी। ऐसे में किसी खास सामग्री के स्रोत को समझना सामान्य उपभोक्ता के लिए आसान नहीं था। अब रंग आधारित प्रतीक इस जानकारी को ज्यादा सरल तरीके से सामने रखने में मदद करेगा। कंपनियों को करना होगा नियम का पालन नए प्रावधान के बाद संबंधित निर्माताओं और विक्रेताओं को पैकेजिंग पर निर्धारित लेबलिंग नियमों का पालन करना होगा। बाजार में आने वाले संबंधित उत्पादों पर उनकी श्रेणी की पहचान के लिए तय संकेत दिया जाना जरूरी होगा। हालांकि, ग्राहकों के लिए इंग्रीडिएंट लिस्ट देखना अब भी महत्वपूर्ण रहेगा। रंग वाला निशान उत्पाद की शाकाहारी या मांसाहारी श्रेणी की शुरुआती पहचान में मदद करेगा, जबकि पूरी सामग्री और उसकी संरचना जानने के लिए पैकेट पर दी गई विस्तृत जानकारी देखी जा सकती है। खरीदारी के समय रखें नजर अगली बार जब आप साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, क्रीम या कोई अन्य संबंधित प्रोडक्ट खरीदें, तो ब्रांड और कीमत के साथ पैकेजिंग पर बने निर्धारित रंग के निशान को भी जरूर देखें। खासकर उन उपभोक्ताओं के लिए यह बदलाव उपयोगी हो सकता है जो अपने इस्तेमाल के लिए शाकाहारी मूल वाले उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं।
मांदर की थाप पर झूम उठा झारखंड, जानिए क्यों खास है ये पर्व
झारखंड में आज करम परब की रौनक देखने को मिल रही है। प्रकृति पूजा, आदिवासी परंपरा, भाई-बहन के प्रेम और सामुदायिक एकजुटता से जुड़े इस पर्व पर गांवों से लेकर शहरों तक उत्साह का माहौल है। करम परब झारखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था की जीवंत तस्वीर पेश करता है।
नीम-करी पत्ता पाउडर: बालों के झड़ने और मुंहासों का घरेलू नुस्खा
Neem and Curry Leaves Powder Benefits: नीम और करी पत्ते से घर पर बनाएं पावरफुल नेचुरल पाउडर। यह होममेड पाउडर बालों को मजबूत बनाने और स्किन से कील-मुंहासे हटाने में बेहद मददगार है। पढ़ें बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका।
दीवार का दुश्मन बन गया है पीपल का पौधा? इन 3 घरेलू उपायों से पाएं छुटकारा
अगर आपके घर की दीवार की दरारों में बार-बार पीपल का पौधा निकल आता है, तो आप अकेले नहीं हैं। पुरानी दीवारों, ईंटों के बीच या सीमेंट की छोटी-सी दरार में भी पीपल का पौधा आसानी से जड़ जमा लेता है।