छत्तीसगढ़ निकाय और पंचायत चुनाव परिणाम: भाजपा को तीन, कांग्रेस को दो नगर पंचायत अध्यक्ष पद
NEWS SAGA DESK रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक जून को संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकायों के आम और उपचुनावों की मतगणना गुरुवार को जारी रही। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में हो रही मतगणना के दौरान कई सीटों के परिणाम घोषित किए गए। प्रदेशभर में नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद, जनपद सदस्य, सरपंच और पंच समेत 1310 रिक्त पदों के लिए मतदान कराया गया था। पांच नगर पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को दो सीटों पर सफलता मिली। नवगठित नगर पंचायतों घुमका, बम्हनीडीह, शिवानंदनपुर और पलारी के परिणामों पर विशेष नजर रही। कवर्धा जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में भाजपा उम्मीदवार सरिता संतोष मिश्रा ने 754 मतों के अंतर से जीत हासिल कर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। राजनांदगांव जिले की घुमका नगर पंचायत में कांग्रेस की फूलमती वर्मा 85 मतों से अध्यक्ष निर्वाचित हुईं। यहां 11 वार्डों में भाजपा, तीन में कांग्रेस और एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह नगर पंचायत में भाजपा के रमेश डडसेना अध्यक्ष चुने गए। यहां भी 11 वार्ड भाजपा, तीन वार्ड कांग्रेस और एक वार्ड निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया। सूरजपुर जिले की शिवानंदनपुर नगर पंचायत में भाजपा उम्मीदवार रितेश जायसवाल ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। 15 वार्डों में से आठ पर कांग्रेस और सात पर भाजपा उम्मीदवार विजयी रहे। बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस उम्मीदवार यानेश कुमार अध्यक्ष चुने गए। यहां नौ वार्डों में कांग्रेस और पांच वार्डों में भाजपा को जीत मिली, जबकि एक वार्ड में दोनों उम्मीदवारों को बराबर मत मिले। इस वार्ड के विजेता का फैसला टॉस के जरिए किया जाएगा। उपचुनावों में बस्तर जिले के जगदलपुर नगर निगम के वार्ड संख्या-1 इंदिरा वार्ड से कांग्रेस उम्मीदवार रामकृष्ण तिवारी पार्षद निर्वाचित हुए। यह सीट पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद रिक्त हुई थी। बिलासपुर नगर निगम के वार्ड संख्या-29 संजय गांधी नगर (तारबाहर) में कांग्रेस उम्मीदवार शेख आजम ने भाजपा के वी. मधुसूदन राव को हराकर जीत दर्ज की। जशपुर नगर पालिका के उपचुनाव में भाजपा ने दोनों सीटों पर कब्जा जमाया। वार्ड संख्या-8 से प्रेमलता साहू और वार्ड संख्या-14 से प्रिया सिंह विजयी रहीं।
नेपाल में प्रधानमंत्री के बयान पर सियासी घमासान, सत्तारूढ़ दल में बढ़ी असहमति
NEWS SAGA DESK काठमांडू :– नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के उस विवादित बयान को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेपाल ने भी भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है। इस बयान के बाद सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के एक वर्ग ने प्रधानमंत्री से बयान वापस लेने और संसद के माध्यम से राष्ट्र से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री को अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए उसे वापस लेना चाहिए। हालांकि प्रधानमंत्री के करीबी माने जाने वाले कुछ नेता इस कदम के पक्ष में नहीं हैं और उनका कहना है कि बयान को उसके व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। संसद में बयान के बाद बढ़ा विवाद रविवार को प्रतिनिधि सभा में दिए गए प्रधानमंत्री के बयान के बाद विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसके साथ ही भारत-नेपाल सीमा विवाद का मुद्दा फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया। इसी घटनाक्रम के बाद आरएसपी के भीतर भी इस विषय पर मतभेद उभरने लगे। सूत्रों के अनुसार, आरएसपी अध्यक्ष रवि लामिछाने ने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया है कि जब तक पार्टी की आधिकारिक राय तय नहीं हो जाती, तब तक कोई भी नेता सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर टिप्पणी न करे। नेताओं ने सोशल मीडिया पर जताई असहमति पार्टी नेतृत्व के निर्देश के बावजूद सांसद रञ्जु दर्शना और सांसद आशिका तामाङ सहित कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री के बयान पर असहमति व्यक्त की है। इससे पार्टी के भीतर मौजूद मतभेद और अधिक स्पष्ट हो गए हैं। आरएसपी सांसद एवं अधिवक्ता यज्ञमणि न्यौपाने ने कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी संभवतः पर्याप्त तैयारी के बिना की गई थी और उनके पूरे वक्तव्य को संदर्भ सहित समझना आवश्यक है। विपक्ष ने मांगी माफी और रिकॉर्ड से बयान हटाने की मांग विपक्षी दलों, जिनमें नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) और राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी शामिल हैं, ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी मांगने और उनके बयान को संसदीय अभिलेख से हटाने की मांग की है। पार्टी के कई सांसद निजी तौर पर यह मानते हैं कि बयान में सुधार या स्पष्टीकरण की आवश्यकता है, लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई की आशंका के कारण वे सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखने से बच रहे हैं। पार्टी सचिवालय में भी हुई चर्चा सोमवार सुबह रवि लामिछाने के भारत रवाना होने से पहले पार्टी सचिवालय की वर्चुअल बैठक में भी इस विवाद पर चर्चा हुई। बैठक में कई सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी अब राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुकी है और इस पर स्पष्ट रुख अपनाना आवश्यक है। बैठक में यह भी राय सामने आई कि सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों का समाधान कूटनीतिक संवाद और आधिकारिक तंत्र के माध्यम से किया जाना चाहिए। कई सदस्यों ने कहा कि नदी के बहाव में बदलाव या तकनीकी सीमा संबंधी मामलों को सीधे “क्षेत्रीय अतिक्रमण” के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। विदेश मंत्रालय की नीति के अनुरूप रुख अपनाने की सलाह बैठक के दौरान रवि लामिछाने ने कहा कि सीमा संबंधी मुद्दे राजनीतिक दलों की प्रतिस्पर्धा का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मामले हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी को व्यक्तिगत व्याख्याओं से बचते हुए नेपाल के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक नीति के अनुरूप अपनी स्थिति रखनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार, संसदीय विवाद के बाद रवि लामिछाने और प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के बीच टेलीफोन पर भी बातचीत हुई। इस दौरान लामिछाने ने कथित रूप से प्रधानमंत्री को बताया कि उनके बयान से राजनीतिक और कूटनीतिक जटिलताएं पैदा हुई हैं तथा इस मुद्दे को गंभीरता से संबोधित करने की आवश्यकता है। विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर बढ़ते दबाव के बीच यह विवाद नेपाल की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है। अब सभी की निगाहें संसद की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां प्रधानमंत्री इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हैं या कोई नया रुख अपनाते हैं।
13 किलोमीटर पैदल चलकर स्वास्थ्य टीम पहुंची बड़ेपल्ली, 227 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांच
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुर्गम पहाड़ी और जंगलों से होकर 13 किलोमीटर का कठिन रास्ता पैदल तय कर बड़ेपल्ली गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।
झारखंड में मतदाता मैपिंग अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 75% से ज्यादा काम पूरा
झारखंड में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की तैयारी के तहत मतदाताओं की मैपिंग प्रक्रिया तेजी से जारी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि 23
लखनऊ में युवक को गोली मारकर घायल किया, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
NEWS SAGA DESK लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात गोलीबारी की घटना सामने आई। हमले में एक युवक घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह के अनुसार नरही निवासी विभू शुक्ला को देर रात गोली मार दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को इलाज के लिए सिविल अस्पताल भेजा, जहां से बेहतर उपचार के लिए उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक गोली युवक के पैर और जांघ के हिस्से में लगी है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मोहम्मद शफीक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं घायल युवक का इलाज जारी है।
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा, बंदर अब्बास हमले के बाद कुवैत में मिसाइल और ड्रोन हमले
NEWS SAGA DESK अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के नौसेना कमांडर अली अजमाई के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि ईरान की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूएस सेंट्रल कमांड ने 27 और 28 मई की दरमियानी रात ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पर हमला किया। दावा किया जा रहा है कि इस हमले में आईआरजीसी के वरिष्ठ नौसैनिक कमांडर अली अजमाई को निशाना बनाया गया। उन्हें हाल ही में आईआरजीसी नौसेना का नया कमांडर नियुक्त किया गया था। इस संघर्ष पर नजर रखने वाले समूह “द ईरान वॉचर” ने कहा कि अपुष्ट रिपोर्टों से संकेत मिलते हैं कि अजमाई संभवतः मारे गए हैं। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने अभी तक उनकी स्थिति पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। बताया जा रहा है कि बंदर अब्बास पर हुए हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया। इसी बीच कुवैत पर ड्रोन और मिसाइलें दागे जाने की भी खबर सामने आई है। कुवैत सेना के अनुसार, उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। सेना ने बताया कि देश के कुछ हिस्सों में सुने गए जोरदार धमाके इन्हीं मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्शन का परिणाम थे। आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने बंदर अब्बास पर हमले के लिए इस्तेमाल किए गए अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। संगठन ने कहा कि अमेरिका के हर हमले का जवाब दिया जाएगा। इस बीच ईरान ने ओमान के समर्थन में बयान जारी करते हुए कहा कि अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों से डरने की जरूरत नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा कि ओमान ईरान का मित्र देश है और उसके खिलाफ किसी भी कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला रहेगा और इसकी निगरानी अमेरिका करेगा। उन्होंने ओमान को चेतावनी दी थी कि यदि उसने ईरान के साथ मिलकर इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण करने की कोशिश की तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा।
एलआईसी ने लॉन्च किए दो नए जॉइंट लाइफ इंश्योरेंस प्लान, 1 जून से होंगे लागू
सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने अपने बचत पोर्टफोलियो को मजबूत करने के उद्देश्य से दो नए संयुक्त जीवन बीमा उत्पाद लॉन्च किए हैं।
108 एंबुलेंस विवाद पर बोले इरफान अंसारी, बाबूलाल मरांडी के आरोपों को बताया बेबुनियाद
रांची में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
बेंगलुरु में इबोला संदिग्ध महिला भर्ती, भारत में हाई अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
भारत में इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।
उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में छह आरोपितों की जमानत पर सुनवाई, 29 मई को अगली तारीख
झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में मंगलवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में छह आरोपितों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई।