न मैसेज, न कॉल… फिर भी फोन चेक करते हैं? समझें दिमाग का खेल
बार-बार फोन चेक करने की आदत बिना नोटिफिकेशन भी फोन देखने को मजबूर कर सकती है। जानिए इसकी वजह, दिमाग का व्यवहार और इसे कम करने के आसान तरीके।
चेहरे की टैनिंग होगी छूमंतर! घर पर बनाएं ये Homemade Pack
चेहरे की टैनिंग से परेशान हैं तो घर पर आसानी से Natural Homemade Pack बनाएं। जानें आसान सामग्री, इस्तेमाल का तरीका और त्वचा की देखभाल के जरूरी टिप्स।
अब केले नहीं पड़ेंगे जल्दी काले, बस अपनाएं ये घरेलू ट्रिक
केले जल्दी काले पड़ जाते हैं तो डंठल पर एल्युमिनियम फॉयल लगाने का आसान तरीका आजमाएं। जानें केला जल्दी क्यों पकता है और इसे ताजा रखने का तरीका
पलामू में सखी मंडल की राखी बिक्री शुरू, 40 हजार बनाने का लक्ष्य
पलामू सखी मंडल राखी बिक्री केंद्र का शुभारंभ हुआ। जेएसएलपीएस की दीदियों ने 40 हजार राखियां बनाने का लक्ष्य रखा, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा।
झारखंड की आदिवासी लाइफस्टाइल से सीखें जिंदगी जीने के 5 बेहतरीन तरीके
झारखंड की आदिवासी लाइफस्टाइल प्रकृति, सादगी और सामूहिक जीवन का संदेश देती है। जानिए इस पारंपरिक जीवनशैली से खुशहाल जिंदगी के 5 जरूरी तरीके।
Baby Boy Names: A से O तक बेटे के लिए चुनें खास नाम
बेटे के लिए प्यारा और अर्थपूर्ण नाम ढूंढ रहे हैं तो A से O तक की इस खास लिस्ट में देखें मॉडर्न और सुंदर नामों के विकल्प।
दादी की रसोई से मॉडर्न किचन तक… आखिर क्यों बदल गए हमारी रसोई
एक दौर था जब घर की रसोई में तांबे, पीतल और कांसे के बर्तन अपनी अलग पहचान रखते थे। दादी-नानी इन्हें चमकाने के लिए राख, इमली और नींबू तक का इस्तेमाल करती थीं।
फ्रेंडशिप डे पर पौधारोपण, विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
खूंटी में फ्रेंडशिप डे पर विद्यार्थियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। श्योर सक्सेस कोचिंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रकृति बचाने का संदेश दिया गया।
रांची में परंपरा कला एवं विरासत मेले की धूम, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों के साथ संस्कृति का दिखा संगम
मारवाड़ी सहायक समिति की ओर से आयोजित चार दिवसीय विरासत मेले में देशभर से आई महिला उद्यमियों ने लगाए 90 से अधिक स्टॉल। हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान, खानपान और लोक संस्कृति के आकर्षण से उमड़ी लोगों की भीड़।
सावन में मांस-मछली खाने से क्यों किया जाता है परहेज? जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण
सावन में मांसाहार से परहेज की परंपरा केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, मौसम और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी मानी जाती है।