News Saga Desk
रांची/पटना: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान झारखंड और बिहार में कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। दो दिनों में दोनों राज्यों में कुल 133 लोगों की डूबने से मौत हो गई है, जबकि कई श्रद्धालु अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकांश हादसे अर्घ्य या स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने और सुरक्षा के अभाव में हुए।
झारखंड में 27 लोगों की मौत
झारखंड के सात जिलों में दो छठ व्रती महिलाओं समेत 27 लोगों की जान चली गई।
- हजारीबाग: केरेडारी निवासी पम्मी देवी (26) की अर्घ्य के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई।
- कोडरमा: चिकलावर गांव में व्रती उमेश यादव (40) कुंडा आहर में डूब गए।
- रांची: मधुकम तालाब में डूबने से सचिन चौरसिया (21) की मौत हुई।
इन जिलों में कुल नौ लोगों की मौत दर्ज की गई।
गिरिडीह जिले में भी कई दर्दनाक घटनाएं हुईं:
- पचंबा थाना क्षेत्र के लोपिट्टी लाछो अहरी में आयुष कुमार (12) की मौत।
- धनवार क्षेत्र में तीन हादसे: राजेश ठाकुर (28), धीरज साव (18) और नंदलाल साव (42) की डूबने से मौत।
- जमुआ प्रखंड के प्रांचीडीह गांव में अंशु कुमारी (14) और पिपराडीह गांव में दीपक तुरी (7) की जान चली गई।
- हीरोडीह में दिलीप राय (45) की मौत हुई।
- कोडरमा के मरचोई गांव में लव कुमार (16), गढ़वा में राहुल (13) और पलामू के हुसैनाबाद में अंकुश पासवान (22), बरहु उर्फ आदर्श चंद्रवंशी (22) और रजनीश (23) सोन नदी में डूब गए।
- नैतिक चौहान (17) अब भी लापता है।
जमशेदपुर के चांडिल के स्वर्णरेखा नदी घाट पर सोमवार की शाम बड़ा हादसा हुआ, जिसमें संजय यादव (45), उनके बेटे प्रतीक यादव (19) और भांजे आर्यन यादव (12) की डूबने से मौत हो गई। तीनों के शव गोताखोरों की मदद से बरामद किए गए।
बिहार में 106 लोगों की डूबकर मौत, 10 लापता
बिहार में छठ पर्व के दौरान 30 जिलों में 106 श्रद्धालुओं की डूबने से मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 10 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा मौतें —
- पटना में 11,
- नालंदा में 8,
- वैशाली में 7,
- औरंगाबाद में 5,
- गया, मधुबनी, मोतिहारी और दरभंगा में 4-4,
- सीतामढ़ी में 3 लोगों की मौत दर्ज की गई।
उत्तर बिहार के कई जिलों में हालात गंभीर रहे। मुजफ्फरपुर के मीनापुर और मोतीपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है।
प्रशासन अलर्ट पर
दोनों राज्यों में प्रशासन ने हादसों पर गहरा दुख जताते हुए बचाव दलों को सतर्क कर दिया है। जलाशयों और नदियों के किनारे सुरक्षा बढ़ा दी गई है, वहीं राहत कार्य जारी हैं।
छठ पर्व की आस्था के बीच इन घटनाओं ने पूरे बिहार और झारखंड को शोक और सदमे में डाल दिया है।
No Comment! Be the first one.