NEWS SAGA DESK
फर्रुखाबाद :- पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गंगा तट पांचाल घाट पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ दान-पुण्य और पितरों का तर्पण कर उनके मोक्ष एवं शांति की कामना की।
बच्चा स्वामी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में सोमवार के दिन अमावस्या का पड़ना अत्यंत दुर्लभ संयोग माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, दान और पुण्य कर्म करने से पितरों को शांति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर पितृ दोष का प्रभाव होता है, उनके लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने बताया कि ऐसा संयोग लगभग 16 वर्षों बाद बना है, जिसके कारण जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। सिंगीरामपुर, ढाई घाट, किला घाट, रानी घाट और अटेना घाट पर भी श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ देखी गई, लेकिन सबसे अधिक भीड़ पांचाल घाट पर रही।
बच्चा स्वामी ने बताया कि पांचाल घाट स्थित उनके आश्रम में आने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था की गई है। सुबह से ही श्रद्धालुओं का घाट पर पहुंचना शुरू हो गया था और देर तक स्नान तथा पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि जिला प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को संभालने में लगातार जुटे रहे। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए थे।
गंगा तट पर स्नान का क्रम जारी है। श्रद्धालु अपने पितरों का तर्पण कर उनकी आत्मा की शांति और सद्गति की प्रार्थना कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर किए गए स्नान, दान और तर्पण का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
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