NEWS SAGA DESK
बाघमारा। शास्त्री नगर, जमुआटाँड स्थित कथा पंडाल में चल रही सप्ताहव्यापी संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गुरुवार को श्रद्धा और भक्तिभाव के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। पूरा परिसर “नंद के घर आनंद भयो” और “जय कन्हैया लाल की” जैसे भजनों से गूँज उठा। कथा वाचक रामानुजाचार्य विक्रमाचार्यजी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि जब भी संसार में अधर्म बढ़ता है, तब भगवान धर्म की रक्षा और पुण्यस्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन को प्रेम, करुणा और धर्म का प्रतीक बताया। जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलन, घंटा-घड़ियाल बजाकर और पुष्प वर्षा कर उत्सव मनाया। श्रीकृष्ण जन्म की बेला में वातावरण भक्ति, आनंद और उत्साह से भर उठा। कार्यक्रम के अंत में आरती और महाप्रसाद वितरण किया गया। यजमान मनदीप शास्त्री एवं प्रीति पाण्डेय, संस्कार ज्ञानपीठ हरिना के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार राय, नीरजा, धीरेन पाण्डेय, दिलीप पाठक, संजय साधु सहित सैकड़ों श्रद्धालु कथा श्रवण एवं पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
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