News Saga Desk
झारखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में एंबुलेंस सेवा और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी की गई है।
सबसे खास बात यह है कि चयनित एजेंसी को केवल एंबुलेंस की मरम्मत ही नहीं करनी होगी, बल्कि अगले पांच वर्षों तक उनके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी भी उसी एजेंसी के पास रहेगी। एजेंसी के प्रदर्शन के आधार पर ही अनुबंध का विस्तार किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि तकनीकी खराबियों को समय पर ठीक किया जाए और सेवाएं बाधित न हों।
स्वास्थ्य विभाग 108 एंबुलेंस सेवा को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सॉफ्टवेयर लागू करने पर विचार कर रहा है। इस तकनीक के माध्यम से सभी एंबुलेंस की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी, जिससे मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराना आसान होगा। साथ ही, एंबुलेंस संचालन में किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत बड़ा कदम उठाया है। वर्तमान में संचालित 70 मोबाइल मेडिकल यूनिट के अलावा 100 नई मोबाइल मेडिकल यूनिट जल्द ही जोड़ी जाएंगी। ये यूनिट उन दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेंगी, जहां अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, जिससे वहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके साथ ही 104 हेल्पलाइन सेवा को भी अपग्रेड किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को घर बैठे सही और समय पर चिकित्सीय परामर्श मिल सके।
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