NEWS SAGA DESK
यमुनानगर जिले के सढौरा स्थित खेल स्टेडियम में जनजागरूकता संदेश लिखने वाले एक पेंटर ने भुगतान नहीं मिलने से नाराज होकर विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। कलाकार ने उन्हीं दीवारों पर सार्वजनिक रूप से लिख दिया कि उसे किए गए कार्य का अब तक भुगतान नहीं मिला है। इतना ही नहीं, उसने संबंधित ठेकेदार का नाम और संपर्क नंबर भी दीवार पर अंकित कर दिया। घटना के बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
पेंटर राजेंद्र के अनुसार मार्च महीने में एक ठेकेदार के माध्यम से उसे नगर पालिका क्षेत्र में स्टेडियम सहित विभिन्न स्थानों की दीवारों पर जनजागरूकता संबंधी स्लोगन लिखने का काम दिया गया था। तय शर्तों के तहत प्रति वर्ग फुट के हिसाब से भुगतान होना था, जबकि रंग, श्रमिकों और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था उसने स्वयं की थी।
राजेंद्र का दावा है कि उसने 14 मार्च से 21 मार्च के बीच लगातार काम करते हुए करीब 6,500 वर्ग फुट क्षेत्र में स्लोगन लिखे। इसके लिए छह से सात मजदूरों को भी लगाया गया था। उसके अनुसार इस कार्य की कुल लागत लगभग 97,500 रुपये बनती है। उसने बताया कि कार्य की प्रगति से जुड़ी तस्वीरें नियमित रूप से ठेकेदार को भेजी जाती रहीं और काम समय पर पूरा कर दिया गया।
पेंटर का आरोप है कि कार्य पूरा होने के कई सप्ताह बाद भी उसे भुगतान नहीं किया गया। उसने कई बार संबंधित ठेकेदार से संपर्क किया और नगर पालिका अधिकारियों के समक्ष भी अपनी समस्या रखी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। राजेंद्र का कहना है कि भुगतान की मांग करने पर उस पर शिकायत संबंधी लिखावट हटाने का दबाव भी बनाया गया।
विवाद बढ़ने के बाद संबंधित ठेकेदार ने भुगतान को लेकर आश्वासन दिया है और जल्द ही राशि जारी करने की बात कही है। हालांकि पेंटर का कहना है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए वैधानिक तरीके से आगे भी आवाज उठाएगा।
इस अनोखे विरोध ने स्थानीय प्रशासन, ठेकेदारों और श्रमिकों के बीच भुगतान संबंधी व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
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