रांची में 4 अक्टूबर को ई-कोर्ट्स और CIS प्रशिक्षण कार्यक्रम

रांची में 4 अक्टूबर को ई-कोर्ट्स और CIS प्रशिक्षण होगा। ज्यूडिशियल एकेडमी में अधिवक्ताओं और लिपिकों को डिजिटल कोर्ट सेवाओं के उपयोग की ट्रेनिंग मिलेगी।

News Saga Desk

रांची में ई-कोर्ट्स और CIS प्रशिक्षण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। धुर्वा स्थित ज्यूडिशियल एकेडमी में 4 अक्टूबर को अधिवक्ताओं एवं उनके लिपिकों के लिए एक दिवसीय ऑफलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अदालती कामकाज में डिजिटल तकनीक और ई-कोर्ट सेवाओं के प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग जिलों और अनुमंडलों से चयनित अधिवक्ता मास्टर ट्रेनर हिस्सा लेंगे।

ज्यूडिशियल एकेडमी में होगा प्रशिक्षण

ई-कोर्ट्स और CIS प्रशिक्षण कार्यक्रम 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे ज्यूडिशियल एकेडमी परिसर में शुरू होगा। प्रशिक्षण को ऑफलाइन मोड में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं और उनके लिपिकों को डिजिटल माध्यम से न्यायालय से जुड़ी सेवाओं के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।

रांची

ज्यूडिशियल एकेडमी के निदेशक राजेश शरण सिंह ने सोमवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण ‘ट्रेनिंग फॉर ट्रेनर्स’ मॉडल पर आधारित होगा। इसके तहत प्रशिक्षित किए जाने वाले अधिवक्ता मास्टर ट्रेनर आगे अपने संबंधित क्षेत्रों में डिजिटल कोर्ट सेवाओं की जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मास्टर ट्रेनरों की भागीदारी पर जोर

प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिला और अनुमंडल स्तर के बार एसोसिएशनों से अधिवक्ता मास्टर ट्रेनरों का नामांकन किया गया है। इस संबंध में राज्य के सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त को पत्र जारी किया गया है।

निर्देश दिया गया है कि संबंधित क्षेत्रों से अधिवक्ता मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल कराया जाए। इससे अलग-अलग न्यायिक क्षेत्रों में डिजिटल कोर्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेवाओं की जानकारी को अधिक व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

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कई जिलों से शामिल होंगे अधिवक्ता

ई-कोर्ट्स और CIS प्रशिक्षण में राज्य के कई जिलों के बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इनमें बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू, रांची, गिरिडीह, पाकुड़, साहिबगंज और सिमडेगा सहित अन्य जिलों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

अलग-अलग जिलों से प्रतिभागियों के शामिल होने से प्रशिक्षण का दायरा केवल रांची तक सीमित नहीं रहेगा। मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को संबंधित जिला और अनुमंडल स्तर पर अन्य अधिवक्ताओं तक पहुंचाने की संभावना है।

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