News Saga Desk
उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रूखाबाद में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सोमवार को महाभारत कालीन गंगा के प्रसिद्ध पांचाल घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए घाट पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर मां गंगा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। गंगा तट पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। गंगा दशहरा के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान, हवन और आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। इसी आस्था के चलते दूर-दराज के गांवों और शहरों से भी श्रद्धालु पांचाल घाट पहुंचे। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती की गई थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
घाट के आसपास मेले जैसा माहौल देखने को मिला। जगह-जगह प्रसाद, फूल-माला और पूजा सामग्री की दुकानें सजी रहीं। श्रद्धालुओं ने गंगा पूजन कर दीपदान भी किया। शाम होते ही गंगा आरती का भव्य आयोजन हुआ, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं का मानना है कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
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