हिमाचल पंचायत चुनाव में युवाओं का जलवा, 22 से 25 साल के युवा बने गांवों के प्रधान

NEWS SAGA DESK

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में वीरवार को 1276 पंचायतों में मतदान हुआ। देर रात आए परिणामों में कई पंचायतों में नई तस्वीर उभरकर सामने आई। इस बार चुनावी नतीजों की सबसे खास बात यह रही कि गांव की सरकार की कमान बड़ी संख्या में शिक्षित युवाओं के हाथों में पहुंचती दिखाई दी। कई पंचायतों में 22 से 25 वर्ष की युवतियां और युवा प्रधान चुने गए हैं। कोई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की तैयारी कर रहा है तो कोई न्यायिक सेवाओं का सपना लेकर पंचायत विकास की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है।

22 साल की तारादेवी बनीं सबसे युवा प्रधान

Shimla जिले के ठियोग विकास खंड की नहौल पंचायत में 22 वर्षीय तारादेवी निर्विरोध प्रधान चुनी गई हैं। उनका जन्म वर्ष 2004 में हुआ और वे वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, शिमला से द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। परिवार में पहले कभी किसी ने चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन पंचायत में महिला सीट आरक्षित होने के बाद गांव वालों ने उन्हें आगे बढ़ाया।

पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी तारादेवी के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। उनका कहना है कि शपथ लेने के बाद वे घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगी और पंचायत के समग्र विकास पर काम करेंगी।

23 साल के इंद्र सिंह ने जीता सरपारा पंचायत चुनाव

रामपुर ब्लॉक की सरपारा पंचायत में 23 वर्षीय इंद्र सिंह प्रधान बने हैं। उन्होंने करीब 70 वोटों से जीत हासिल की। इंद्र सिंह ने अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर किया है और पढ़ाई पूरी करने के बाद गांव की राजनीति में नई सोच के साथ कदम रखा है।

उन्होंने कहा कि पंचायत में खराब सड़कों की स्थिति सुधारना, शौचालय सुविधाएं बढ़ाना और लोगों के लिए वर्षा आश्रय स्थल बनवाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

चौगान पंचायत में आंचल की बड़ी जीत

शिमला जिले के कोटखाई विकास खंड की चौगान पंचायत में 23 वर्षीय आंचल ने 160 वोटों से जीत दर्ज कर सबका ध्यान खींचा। उन्होंने संजौली कॉलेज से अंग्रेजी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।

आंचल छात्र राजनीति में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रही हैं और पढ़ाई के बाद शिमला में निजी क्षेत्र में नौकरी भी कर चुकी हैं। पंचायत चुनाव में महिला सामान्य सीट आरक्षित होने के बाद गांव वालों ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया।

आंचल का कहना है कि उनकी पंचायत नई बनी है और यहां पंचायत भवन, औषधालय, पक्की सड़कें और मार्ग प्रकाश जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। अब उनकी प्राथमिकता इन्हें गांव तक पहुंचाना है।

विधि स्नातक ऋचा शर्मा बनीं प्रधान

ठियोग ब्लॉक की शड़ी जोधपुर पंचायत से 24 वर्षीय ऋचा शर्मा प्रधान चुनी गई हैं। उन्होंने त्रिकोणीय मुकाबले में 108 वोटों से जीत दर्ज की। ऋचा ने Himachal Pradesh University से विधि और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। फिलहाल वे न्यायिक सेवाओं की तैयारी कर रही हैं।

ऋचा बताती हैं कि उन्हें आठवीं कक्षा से ही राजनीति में रुचि थी। प्रधान बनने के बाद उनकी प्राथमिकता इलाके की पानी की समस्या दूर करना, खराब रास्तों को सुधारना और महिलाओं व युवतियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की तैयारी कर रहीं पाखी शर्मा भी बनीं प्रधान

चौपाल की लिंगजार पंचायत में 25 वर्षीय पाखी शर्मा 54 वोटों से जीतकर प्रधान बनी हैं। उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर किया है और फिलहाल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।

पाखी का कहना है कि पंचायत में लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान करना और गांवों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। साथ ही खराब रास्तों और विकास कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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